गुवाहाटी, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को बोला कि उनकी गवर्नमेंट लव जिहाद के विरुद्ध कानून बनाएगी. इसमें गुनेहगार को सजा के तौर पर जीवन भर जेल का प्रावधान होगा. सीएम ने रविवार को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी.
उन्होंने कहा, हमने चुनाव के दौरान लव जिहाद के बारे में बात की थी. जल्द ही हम एक कानून लाएंगे, इसमें ऐसे मामलों में जीवन भर जेल की सजा दी जाएगी. सरमा ने कहा, जल्द ही एक नयी अधिवास नीति पेश की जाएगी. इसके तहत, सिर्फ़ असम में जन्मे लोग ही राज्य में सरकारी नौकरियों के लिए पात्र होंगे. असम गवर्नमेंट ने अपने चुनाव पूर्व वादे के मुताबिक प्रदान की गई एक लाख सरकारी नौकरियों में क्षेत्रीय लोगों को अहमियत दी है.
सीएम ने बोला कि असम गवर्नमेंट ने हिंदुओं और मुसलमानों के बीच भूमि सौदों के संबंध में फैसला लिया है. उन्होंने बोला कि गवर्नमेंट इस तरह के लेनदेन को रोक नहीं सकती, लेकिन इस तरह के सौदों के लिए सीएम की सहमति जरूरी होगी. हिमंत बिस्वा सरमा ने वादा किया था कि उनकी गवर्नमेंट असम में समान नागरिक संहिता लागू करेगी.
जनसांख्यिकी आक्रमण पर हिमंत बिस्वा सरमा ने बोला कि पिछले महीने, वे झारखंड गए और दावा किया कि बांग्लादेशी घुसपैठिए आदिवासियों की जमीन हड़प रहे हैं.
उन्होंने कहा, आज मैंने पाकुड़ के गैबथान गांव का दौरा किया. वहां एसपीटी कानून है, इसलिए आदिवासियों की जमीन हस्तांतरित नहीं की जा सकती. दो बांग्लादेशी घुसपैठियों ने उनकी जमीन हड़प ली है, न्यायालय ने आदेश दिया कि उन दोनों को हटा दिया जाए और आदिवासी परिवार को उनकी जमीन वापस दी जाए, लेकिन प्रशासन ने कुछ नहीं किया.
उन्होंने कहा, जब आदिवासी परिवार ने अपनी ज़मीन पर घर बनाने की प्रयास की, तो उन पर बांग्लादेशी घुसपैठियों ने धावा कर दिया. आज भी उन्हें अपनी ज़मीन वापस नहीं मिली है. झारखंड के आदिवासी सीएम को उनकी सहायता करनी चाहिए. घुसपैठ पाकुड़, साहिबगंज जैसी जगहों की वास्तविकता है.
सरमा ने कहा, मैंने असम, झारखंड और पश्चिम बंगाल में जनसांख्यिकीय आक्रमण देखा है. जब भी जनगणना होगी, मुझे विश्वास है कि इसमें पूर्वी हिंदुस्तान की जनसांख्यिकी के बारे में चौंकाने वाली खबरें सामने आएंगी. जनसांख्यिकी आक्रमण वास्तविकता है और तुष्टिकरण की नीतियों के कारण हम इसे नियंत्रित करने में असमर्थ हैं.