औरंगाबाद के जामा मस्जिद परिसर के पास मुसलमान समुदाय ने भगवान जगन्नाथ के जयकारे लगाए. मुसलमान समुदाय के लोगों ने श्रद्धालुओं के लिए ठंडा पानी, मिठाइयां, शरबत की सेवा की. साथ ही मुसलमान समुदाय के लोगों ने भगवान जगन्नाथ के रथ को भी खींचा.
औरंगाबाद में सोमवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा भ्रमण पर निकली. इस दौरान धार्मिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की गवाह शहर की जमा मस्जिद परिसर बनी. रथयात्रा में हिंदु, मुसलमान समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. ऐतिहासिक गांधी मैदान से नगर थाना रोड, धर्मशाला मोड होते हुए जमा मस्जिद के पास पहुंचते ही मुसलमान समुदाय के लोगों ने रथयात्रा का जोरदार स्वागत किया. श्रद्धालुओं पर फूलों की बारिश की. यहां भगवान जगन्नाथ को फलों का प्रसाद भेंट किया.
पैगाम में ए मानवता के जिलाध्यक्ष समाजसेवी सल्लू खान ने कहा कि ये काफी बधाई दिन है. औरंगाबाद शहर अमन का शहर है. यहां सभी समुदाय के लोग मिलकर रहते हैं.एक दूसरे का योगदान करते हैं. आपसी भाईचारा का कार्यक्रम है. आज मोहर्रम की आठवीं तारीख है. दोनों त्योहार एक साथ मनाए जा रहे हैं. आपसी भाईचारे के बीच सल्लू खान ने बोला कि मुसलमान समुदाय के लोग हर वर्ष रथयात्रा का हिस्सा बनते आए हैं.
औरंगाबाद शहर सदियों से आपसी भाईचारे का संदेश देता आया है. यहां सभी समुदाय के लोग एक-दूसरे के धार्मिक समेत अन्य आयोजनों में एक साथ शिरकत करते आ रहे हैं. वहीं, भगवान जगन्नाथ रथयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के बीच मुसलमान समुदाय के सदस्यों ने एक दूसरे से गला मिला. साथ ही लोगों को गुलाब का फूल माला पहनाकर कर स्वागत किया.
जगन्नाथ रथ यात्रा और कथा का आयोजन औरंगाबाद में 13 जुलाई से लेकर 15 जुलाई तक किया गया था. इसी के समाप्ति पर सोमवार को रथ यात्रा निकाला गया. इस मौके पर शरीफ उर्फ गुलफाम खान, औरंगजेब खान, मो।फिरोज, मो।इरफान, छोटे खान, भोलू खान, अमन खान सहित उपस्थित रहे.