वाशिंगटन . अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन ने बोला कि भारत-अमेरिका संबंध आज जिस मुकाम पर है, वह बाइडन प्रशासन की एक अहम उपलब्धि है. उन्होंने साथ ही स्वीकार किया कि हिंदुस्तान के साथ संबंधों में उतार-चढ़ाव भी आए, जैसे कि हिंदुस्तान गवर्नमेंट के एक अधिकारी द्वारा एक अमेरिकी नागरिक की मर्डर की कथित षड्यंत्र के मामले पर. सुलिवन ने व्हाइट हाउस के रूजवेल्ट रूम में एक गोलमेज बैठक के दौरान संवाददाताओं से कह कि मुझे लगता है कि अमेरिका-भारत संबंध आज जिस मुकाम पर है वह इस (बाइडन) प्रशासन की एक जरूरी उपलब्धि है.
(हिंद-प्रशांत) क्षेत्र में हमारे सहयोगियों और साझेदारों के बीच संबंधों की समग्र स्थिति और एकीकरण… हम अगले प्रशासन को दे रहे हैं.’’ सुलिवन इस हफ्ते की आरंभ में नई दिल्ली से लौटे हैं. उन्होंने अपने हिंदुस्तान दौरे के दौरान पीएम नरेन्द्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और हिंदुस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की थी. उन्होंने बांग्लादेश में शासन बदलाव में अमेरिका की किसी भी किरदार से इनकार किया. सुलिवन ने आशा जताई कि खालिस्तानी चरमपंथी गुरपतवंत सिंह पन्नू की कथित मर्डर की प्रयास का मुद्दा अमेरिका की नई गवर्नमेंट के दौरान भी जारी रहेगा.
अमेरिकी एनएसए ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘‘हमें इस तथ्य के बाद आगे बढ़ना था कि एक अमेरिकी नागरिक की मर्डर का कोशिश किया गया. हमने उस पर काम किया है….’’ भारत-अमेरिका संबंधों में पिछले चार वर्षों में आए उतार-चढ़ाव के बारे में सुलिवन ने कहा,‘‘ किसी भी संबंध में, किसी भी दोस्ती में, व्यापार और अर्थशास्त्र के मुद्दों पर, या जी20 घोषणापत्र के शब्दों को लेकर असहमति होगी, और हमें समझौता करने और निवारण के साथ आने के लिए काम करना होगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन ईमानदारी से, मैं कहूंगा कि संबंध वास्तव में चार सालों में मजबूत होते चले गए.