NEET UG 2024 Hearing: हिंदुस्तान के सर्वोच्च कोर्ट (SC) ने सोमवार को मेडिकल प्रवेश परीक्षा एनईईटी यूजी 2024 टकराव से संबंधित कई याचिकाओं पर सुनवाई प्रारम्भ की, जिसमें इसे नए सिरे से आयोजित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी. मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ कुल 38 याचिकाओं पर सुनवाई की. जिसमें कई बड़ी बातें सामने आई है.
इस फैक्ट
को बताया जा रहा है कि पेपर को लीक हुआ है, लेकिन अभी इस पर टकराव नहीं किया जा सकता है. ये समझना महत्वपूर्ण है कि पेपर लीक कितना व्यापक है?
जानें उच्चतम न्यायालय ने NTA से क्या- क्या पूछे सवाल
सुप्रीम न्यायालय ने NTA को मौजूद जानकारी के आधार पर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है. जिसमें ये प्रश्न शामिल है.
1)प्रश्नपत्र कब लीक हुआ?
(2) जिस ढंग से पेपर लीक हुआ, उसका क्या माध्यम है?
(3) पेपर लीक और परीक्षा होने आयोजित होने के समय में कितना अंतर था?
इसी के साथ उच्चतम न्यायालय ने एनटीए और केंद्र से पूछा है कि क्या संदिग्ध मामलों की पहचान करने के लिए साइबर फोरेंसिक यूनिट या गवर्नमेंट द्वारा नियोजित किसी एक्सपर्ट एजेंसी के भीतर डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल करना संभव है?
अदालत ने बोला कि यदि संभव हो तो साइबर फोरेंसिक यूनिट की सहायता से उन आरोपियों की पहचान कर सकते हैं, जिन्होंने नीट यूजी परीक्षा के दौरान गड़बड़ी है.
NEET UG 2024 Hearing:क्या एनटीए ने पेपर लीक की बात मानी?
नीट यूजी सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा, “बिहार पुलिस का बोलना है कि एनटीए ने मानक एसओपी का पालन नहीं किया है… गलती प्रणालीगत स्तर पर है. यह बड़े पैमाने पर है. एनटीए का बोलना है कि अभी हम यह नहीं कह सकते कि गलती प्रणालीगत स्तर पर है या नहीं. एनटीए का बोलना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह सब छोटे स्तर पर हुआ है. वे दोनों बातें कह रहे हैं. उनका बोलना है कि CBI जांच कर रही है…पटना, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और झारखंड में 6 एफआईआर दर्ज हैं’