I2U2 Group Explained: ग्लोबल वर्ल्ड ऑर्डर तेजी से बदल रहा है। अब दुनिया चुनिंदा राष्ट्रों की बपौती नहीं रही। सुपरपावर जैसा कॉन्सेप्ट पुराना हो चला है और मल्टीपोलर दुनिया नयी हकीकत है। इस बदलती दुनिया में आगे बढ़ना है तो दोस्त चाहिए होंगे। ऐसे दोस्त जो न केवल मुसीबत में काम आएं, बल्कि साथ मिलकर आगे कदम बढ़ाएं। ऐसे ही चार दोस्तों के ग्रुप का नाम है: I2U2। हिंदुस्तान इस ग्रुप का अहम सदस्य है और अमेरिका भी। 13 फरवरी 2025 को वाशिंगटन में पीएम मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बैठक हुई। इसमें I2U2 गठबंधन को मजबूत करने पर भी बल दिया गया। यह पहल भारत-अमेरिका के रणनीतिक योगदान को और आगे ले जाने का संकेत है। लेकिन प्रश्न यह उठता है कि I2U2 क्या है, इसमें कौन-कौन से राष्ट्र शामिल हैं, और क्या यह QUAD (भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका) की स्थान ले सकता है?
I2U2 क्या है?
I2U2 एक अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक और रणनीतिक गठबंधन है, जिसमें चार राष्ट्र शामिल हैं। इसका नाम सदस्य राष्ट्रों के पहले अक्षरों से लिया गया है। I2U2 का फुल-फॉर्म है:
- India (I) – भारत
- Israel (I) – इजरायल
- United Arab Emirates (U) – संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
- United States (U) – अमेरिका
I2U2 को ‘West Asian Quad’ भी बोला जाता है क्योंकि यह मुख्य रूप से पश्चिम एशिया (Middle East) में आर्थिक सहयोग, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बना है। I2U2 की स्थापना अक्टूबर 2021 में हुई थी और इसका पहला शिखर सम्मेलन 2022 में हुआ था, जिसमें इन चार राष्ट्रों के नेताओं ने हिस्सा लिया था।
क्या है I2U2 ग्रुप का मकसद?
I2U2 का मुख्य उद्देश्य चारों सदस्य राष्ट्रों के बीच साझेदारी को मजबूत करना और आर्थिक विकास को गति देना है।
1. फूड सिक्योरिटी (Food Security)
I2U2 के अनुसार हिंदुस्तान और इजरायल की कृषि तकनीकों, अमेरिका की पूंजी और UAE के वित्तीय संसाधनों का इस्तेमाल कर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर को बढ़ावा देने की योजना है। उदाहरण के लिए, UAE ने हिंदुस्तान में 2 बिलियन $ के निवेश से फूड पार्क बनाने का प्रस्ताव दिया है।
2. क्लीन एनर्जी
I2U2 समूह सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन (Green Hydrogen) और टिकाऊ ऊर्जा (Sustainable Energy) परियोजनाओं पर भी काम कर रहा है। इसके अनुसार हिंदुस्तान को एक बड़ा हब बनाने की योजना है, जहां हरित हाइड्रोजन का उत्पादन और निर्यात किया जाएगा।
3. तकनीकी सहयोग
- अमेरिका और इजरायल की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सिक्योरिटी में विशेषज्ञता है।
- भारत का IT और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर काफी मजबूत है।
- UAE वैश्विक स्तर पर फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी (Fintech) को बढ़ावा दे रहा है।
- I2U2 इन सभी ताकतों को मिलाकर डिजिटल इनोवेशन और साइबर सिक्योरिटी को और मजबूत करना चाहता है।
4. व्यापार और निवेश (Trade & Investment)
चारों राष्ट्र एक-दूसरे की अर्थव्यवस्था में निवेश को बढ़ावा दे रहे हैं। उदाहरण के लिए, UAE हिंदुस्तान में इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप्स में भारी निवेश कर रहा है, जबकि अमेरिका और इजरायल रक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में हिंदुस्तान के साथ योगदान कर रहे हैं।
भारत के लिहाज से I2U2
I2U2 असल में IMEC (India-Middle East-Europe Economic Corridor) का पूरक है। अमेरिका इसे एक जियोपॉलिटिकल टूल के रूप में देखता है, जिससे पश्चिम एशिया में चीन के असर को रोका जा सके। IMEC और I2U2 दोनों को गाजा युद्ध और इजरायल तथा अरब राष्ट्रों के बीच बढ़ते तनाव के कारण झटका लगा है। लेकिन हिंदुस्तान इसे आर्थिक अवसर के रूप में देख रहा है, जिससे व्यापार मार्गों को सुगम बनाया जा सके और लॉजिस्टिक्स लागत को कम किया जा सके।
क्या I2U2, QUAD की स्थान लेगा?
I2U2 की तुलना अक्सर QUAD (Quadrilateral Security Dialogue) से होती है, लेकिन यह दोनों भिन्न-भिन्न उद्देश्यों के साथ बने हैं। QUAD एक रणनीतिक सुरक्षा समूह है, जिसमें चार राष्ट्र शामिल हैं: भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया। इसका मुख्य उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों का मुकाबला करना और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना है। QUAD राष्ट्रों के बीच सैन्य सहयोग, रक्षा तकनीक साझा करने और आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा दिया जाता है।
I2U2 और QUAD में क्या अंतर?
| पैरामीटर | I2U2 | QUAD |
|---|---|---|
| मेंबर देश | भारत, इजरायल, UAE, अमेरिका (USA) | भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया |
| मुख्य उद्देश्य | आर्थिक और तकनीकी सहयोग, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा | सामरिक और रक्षा सहयोग, इंडो-पैसिफिक सुरक्षा |
| भौगोलिक फोकस | पश्चिम एशिया और अफ्रीका | हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific) |
| प्रमुख क्षेत्र | क्लीन एनर्जी, कृषि, टेक्नोलॉजी, निवेश | समुद्री सुरक्षा, सैन्य सहयोग, चीन का मुकाबला |
| प्रभावित देश | मध्य पूर्व, यूरोप, अफ्रीका | चीन, दक्षिण पूर्व एशिया, हिंद महासागर क्षेत्र |
I2U2 मुख्य रूप से आर्थिक योगदान पर केंद्रित है, जबकि QUAD का फोकस रणनीतिक और सैन्य साझेदारी पर है। हालांकि, I2U2 और QUAD एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं और दोनों मिलकर भारत-अमेरिका साझेदारी को और मजबूत बना सकते हैं