ED filed 911 complaints : केंद्र गवर्नमेंट ने मंगलवार को संसद में कहा कि गत 5 सालों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के अनुसार विभिन्न अदालतों में कुल 911 शिकायतें दर्ज की हैं और इनमें से 42 मामलों में दोषसिद्धि हुई है तथा 99 अभियुक्तों को सजा सुनाई गई है.
वित्त राज्यमंत्री राज्यसभा में जानकारी दी :
वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा को एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी देते यह भी कहा कि इनमें कुल दर्ज 911 अभियोजन शिकायतों में से 257 मामलों में सुनवाई अभी लंबित है. वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने बोला कि प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम 2002 (पीएमएलए) के प्रावधानों के अनुसार 1 जनवरी 2019 से 31 अक्टूबर 2024 तक विभिन्न अदालतों में 911 अभियोजन शिकायतें दर्ज की है.
कुल 911 अभियोजन शिकायतें दर्ज की गईं :
उनके द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार साल 2019 में 50, 2020 में 106, 2021 में 128, 2022 में 182, 2023 में 239 और 2024 में 31 अक्टूबर तक 206 यानी कुल 911 अभियोजन शिकायतें दर्ज की गई हैं. चौधरी ने कहा कि इनमें 257 मामलों में सुनवाई लंबित है. 42 मामलों में मनी लॉन्ड्रिंग के क्राइम में दोषसिद्धि हुई है जिसमें 99 अभियुक्तों को सजा सुनाई गई है और क्राइम की आय बरामद की गई है
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 4 दिसंबर 2024 तक देशभर में धन से संबंधित अपराधों की सुनवाई के लिए पीएमएलए के अनुसार 106 विशेष न्यायालय काम कर रही हैं. चौधरी ने यह जानकारी कांग्रेस पार्टी के सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला की ओर से पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में दी.
सुरजेवाला ने पिछले 5 सालों के दौरान प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज किए गए आर्थिक अपराधों से संबंधित मामलों की वर्षवार संख्या के बारे में जानकारी मांगी थी. उन्होंने लंबित मामलों, अभियुक्तों की दोषसिद्धि, निपटाए गए मामलों और विशेष अदालतों की संख्या के बारे में भी गवर्नमेंट से उत्तर मांगे थे.