नई दिल्ली। महिंद्रा एंड महिंद्रा ऑटोमोबाइल ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने बोला कि यदि ‘महिंद्रा स्कॉर्पियो’ एसयूवी फ्लॉप हो जाती, तो वो आज कंपनी के चेयरमैन नहीं होते। आनंद महिंद्रा ने एक ट्वीट में बोला कि स्कॉर्पियो एक “भरोसेमंद योद्धा” रही जो जिसने हमेशा उनका साथ दिया। उन्होंने बोला कि यदि स्कॉर्पियो फ्लॉप हो जाती तो बोर्ड उन्हें जॉब से निकाल देता। उन्होंने यह भी बोला कि उनके करियर का श्रेय स्कॉर्पियो को जाता है।
महिंद्रा स्कॉर्पियो को 2002 में लॉन्च किया गया था। यह कंपनी के लिए एक बड़ी कामयाबी थी, और इसने महिंद्रा को भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में एक प्रमुख कंपनी के रूप में स्थापित करने में सहायता की।
स्काॅर्पियो ने बदली कंपनी की किस्मत
आनंद महिंद्रा ने बोला कि स्कॉर्पियो महिंद्रा समूह के लिए एक जरूरी उपलब्धि थी। उन्होंने पहले बोला था कि यह कंपनी द्वारा लॉन्च किया गया पहला उत्पाद था जो डिजाइन और इंजीनियरिंग में वास्तव में पूरी तरह भारतीय था। महिंद्रा ने बोला कि स्कॉर्पियो की कामयाबी महिंद्रा टीम की कड़ी मेहनत के कारण थी। उन्होंने बोला कि टीम ने स्कॉर्पियो के साथ बहुत सारे जोखिम उठाए और उन्हें उनके साहस के लिए पुरस्कृत किया गया।