हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और हिमपात के कारण भूस्खलन और सड़कें अवरुद्ध होने से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. कांगड़ा जिले के रोकारू (मुल्थान) में लगातार बारिश और बादल फटने से हुए भूस्खलन के कारण कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और 12 मकान खतरे में पड़ गए.
कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज ने कहा कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है और पुनर्निर्माण कार्य जारी है. ऑफिसरों ने शनिवार को कहा कि पालमपुर में शिवा जलविद्युत परियोजना के निकट एक आदमी लापता हो गया और उसकी तलाश के लिए अभियान प्रारम्भ किया गया है. भारी हिमपात के कारण चंबा में पांगी घाटी का संपर्क टूट गया है और बिजली तथा दूरसंचार सेवाएं बुरी तरह बाधित हुई हैं. कुल्लू में भूस्खलन के खतरे के कारण नालों और खड्डों के किनारे मकानों पर खतरा मंडरा रहा है और कुछ स्थानों पर बिजली और पानी की आपूर्ति अब भी बाधित है.
कुल्लू में कुल 112 सड़कें बंद
टोहलू नाला में भूस्खलन के कारण कीरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया और पर्यटक फंस गए. कुल्लू में कुल 112 सड़कें बंद हैं और 1646 ‘ट्रांसफार्मर’ को चालू करने का काम जारी है. कुल्लू के जिलाधिकारी तारुल रवेश ने कहा कि कुल 125 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं. कुल्लू-मनाली मार्ग भी बंद है और वाहनों को नग्गर की ओर भेजा जा रहा है, जबकि मणिकरण और मनाली में बिजली आपूर्ति अभी बहाल नहीं हुई है. पर्यटकों को सड़कें साफ होने तक उनके स्थानों पर ही रहने की राय दी गई है.
गांधीनगर नाला से सड़कों पर मलबे के बड़े-बड़े ढेर आने से लोग परेशानी का सामना कर रहे हैं और सड़कों को साफ करने का काम जारी है. क्षेत्र में बारिश और हिमपात अब नहीं हो रहा, लेकिन कुल्लू, कांगड़ा और चंबा जिलों में कई स्थानों पर सामान्य जनजीवन अब भी प्रभावित है. इस बीच, राज्य में पिछले 24 घंटे के दौरान मध्यम से भारी हिमपात और बारिश हुई तथा खदराला, कोठी, निचार और जोत में क्रमशः 20 सेंटीमीटर, 15 सेंटीमीटर, 5 सेंटीमीटर और 4 सेंटीमीटर हिमपात हुआ.
वहीं राज्य में सबसे अधिक बारिश (112.2 मिलीमीटर) भुंतर में हुई. इसके अतिरिक्त जोत में 108.8 मिलीमीटर, जोगिंदरनगर में 108 मिलीमीटर, सियोबाग में 106 मिलीमीटर, बंजार में 92 मिलीमीटर, धर्मशाला में 85.2 मिलीमीटर, बैजनाथ में 78 मिलीमीटर, पालमपुर में 75.6 मिलीमीटर और रामपुर में 60 मिलीमीटर बारिश हुई.