हरियाणा की सत्तारूढ़ बीजेपी ने चुनावी तैयारियों के साथ उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया भी प्रारम्भ कर दी है. इस कड़ी में पार्टी ने सभी नब्बे हलकों में वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा था. पर्यवेक्षकों ने हलकावार संभावित तीन-तीन उम्मीदवारों के नाम पर क्षेत्रीय नेताओं, पदाधिकारियों और एक्टिव कार्यकर्ताओं से लिखित में फीडबैक लिया. पर्यवेक्षकों ने हलके के तीन-तीन नेताओं के नाम को पहली, दूसरी और तीसरी पसंद के रूप में पर्ची पर लिखकर देने को कहा. पेटियों में डाली गई इन पर्चियों को खोलने का अधिकार पर्यवेक्षकों को भी नहीं है. सभी हलकों की फीडबैक रिपोर्ट पार्टी के पास जाएगी और वरिष्ठ नेता इन पर्चियों को खोलेंगे. यहां बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी पार्टी प्रत्याशियों के चयन से पहले इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई गई थी.
पर्यवेक्षकों द्वारा यह होमवर्क पूरा करने के बाद अब सीएम नायब सिंह सैनी और प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली सहित दूसरे वरिष्ठ नेताओं का काम प्रारम्भ होगा. ये सर्वे के हिसाब से पर्चियों में शामिल नामों की हलकावार लिस्ट बनाएंगे, जो पार्टी हाईकमान के पास जाएगी. केंद्रीय नेतृत्व द्वारा सभी नब्बे हलकों में करवाया जा रहा सर्वे आखिरी चरण में है. इस सर्वे रिपोर्ट का पार्टी के नेताओं और वर्करों द्वारा दिए गए फीडबैक के साथ मिलान होगा.
अहम बात यह है कि टिकट के दावेदारों को जैसे ही पर्यवेक्षकों के बारे में पता लगा, उन्होंने इस मीटिंग में अपने अधिक से अधिक समर्थक भेजने की प्रयास की ताकि उनके नाम पर पर्चियों की संख्या बढ़ सके.
हालांकि पार्टी के ही कुछ ऐसे नेता भी हैं, जो इस प्रक्रिया से सहमत नहीं हैं. एक नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि लोकसभा में इसी तरह जब फीडबैक लिया था तो एक नेता के नाम पर मुट्ठीभर कार्यकर्ताओं ने ही सहमति जताई थी, बाद में उसे ही टिकट भी मिल गया.