चंडीगढ़: हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने यूपी के प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ 2025 में भाग लेने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री सैनी अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ इस ऐतिहासिक पर्व में शामिल होंगे और 7 फरवरी को पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे. यह निर्णय राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के सम्मान के उद्देश्य से लिया गया है.
श्रद्धालुओं के लिए हरियाणा गवर्नमेंट की विशेष व्यवस्था
महाकुंभ में हर वर्ष देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु भाग लेते हैं. हरियाणा से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज जा रहे हैं, जिनके लिए राज्य गवर्नमेंट ने विशेष प्रबंध की है. हरियाणा गवर्नमेंट ने प्रयागराज में महाकुंभ में भाग लेने वाले करीब 30 हजार श्रद्धालुओं के रहने और खाने-पीने की प्रबंध की है.
हरियाणा गवर्नमेंट ने सेक्टर-18 में विशेष कैंप बनाया है, जहां श्रद्धालुओं को स्वच्छ रहने और शुद्ध भोजन की सुविधा दी जाएगी. इन व्यवस्थाओं की देखरेख की जिम्मेदारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पर्यावरण गतिविधि संगठन को सौंपी गई है, ताकि हर पहलू का ध्यान रखा जा सके.
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष को विशेष निमंत्रण
महाकुंभ के इस आयोजन में न सिर्फ़ मुख्यमंत्री, बल्कि हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंदर कल्याण को भी आमंत्रित किया गया है. यह निमंत्रण उन्हें यूपी विधानसभा के अध्यक्ष द्वारा भेजा गया है. यह निमंत्रण हरियाणा और यूपी के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को और मजबूत करने का संकेत है.
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
महाकुंभ हिंदू धर्म का सबसे पवित्र और ऐतिहासिक आयोजन है, जो प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में चक्राकार रूप से आयोजित किया जाता है. इस आयोजन में संगम (गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम) में स्नान करने से मोक्ष प्राप्त करने की मान्यता है. सीएम सैनी का यह निर्णय न सिर्फ़ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि प्रदेश के लोगों को जोड़ने का एक कोशिश भी है.
सरकार की योजना और उद्देश्य
मुख्यमंत्री सैनी का महाकुंभ में भाग लेना न सिर्फ़ एक धार्मिक यात्रा है, बल्कि यह हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने का अवसर भी है. इसके साथ ही गवर्नमेंट का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और वे पूरी श्रद्धा के साथ महाकुंभ में भाग ले सकें.
मुख्यमंत्री नायब सैनी का अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ महाकुंभ में जाना हरियाणा के धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. गवर्नमेंट द्वारा किए गए विशेष व्यवस्था यह साबित करते हैं कि श्रद्धालुओं की सुविधा और आस्था का सम्मान करना राज्य गवर्नमेंट की अहमियत है.
मुख्यमंत्री सैनी और उनके मंत्रिमंडल का 7 फरवरी को संगम में स्नान प्रदेशवासियों के लिए एक प्रेरणादायी क्षण होगा, जो धर्म, संस्कृति और एकता का अद्भुत संगम साबित होगा.