यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अधिक हथियार उपलब्ध कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को जर्मनी में शीर्ष अमेरिकी सैन्य ऑफिसरों और 50 से अधिक साझेदार राष्ट्रों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की. इससे पहले अमेरिका ने कीव को सुरक्षा सहायता के तौर पर 25 करोड़ डालर प्रदान करने की घोषणा की. अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉएड ऑस्टिन ने बोला कि ऑफिसरों की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब रूस के साथ जारी युद्ध में यूक्रेन को डोनबास में एक प्रमुख केंद्र के पास रूसी सेना की ओर से अहम खतरा है.
यूक्रेन को दी जा चुकी है 106 बिलियन अमेरिकी $ की सहायता
जेलेंस्की ने बोला था कि वह लंबी दूरी की मारक क्षमता वाले हथियार उपलब्ध कराए जाने का दबाव बनाना जारी रखेंगे. ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘टेलीग्राम’ पर कहा, “हम जिस न्यायपूर्ण शांति की तलाश कर रहे हैं, उसे करीब लाने के लिए साझेदारों द्वारा मजबूत दीर्घकालिक निर्णयों की जरूरत है.” साल 2022 से सदस्य देश मिलकर 106 बिलियन अमेरिकी $ की सुरक्षा सहायता यूक्रेन को प्रदान कर चुके हैं. इसमें से अकेले अमेरिका ने 56 बिलियन $ की सुरक्षा सहायता मौजूद कराई है.
रूस का कठोर संदेश
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका को लेकर कठोर रुख दिखाया है. सर्गेई लावरोव ने एक साक्षात्कार को दौरान बोला कि अमेरिका ने यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति करने के मुद्दे में लक्ष्मण रेखा यानी रेड लाइन पार कर दी है. लावरोव ने बोला कि अमेरिका को यह समझ लेना चाहिए कि हमारी लक्ष्मण रेखा ऐसी नहीं हैं जिससे खिलवाड़ किया जा सके और वो अच्छी तरह जानते हैं कि वह कहां हैं. लावरोव ने बोला कि अमेरिका रूस के प्रति आपसी धैर्य की भावना खोने लगा है जो कि काफी घातक है.