नई दिल्ली. लोकसभा में कांग्रेस पार्टी सांसद राहुल गांधी के बयान की बीजेपी (भाजपा) ने आलोचना की है. राहुल गांधी ने सोमवार को लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान केंद्र गवर्नमेंट पर धावा कहा और अभिमन्यु का जिक्र करते हुए चक्रव्यूह का दूसरा नाम ‘पद्मव्यूह’ बताया, जो कमल के फूल के शेप में होता हैराहुल गांधी के बयान पर बीजेपी मुंबई प्रदेश के उपाध्यक्ष हितेश जैन ने पलटवार किया है. उन्होंने राहुल गांधी के बयान को अराजक और विभाजनकारी करार दिया.हितेश जैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”संसद में राहुल गांधी का भाषण किसी विभाजनकारी, अराजक बयान से कम नहीं था. उनके बयान का उद्देश्य राष्ट्र की एकता को समाप्त करना है. धन सृजनकर्ताओं और संगठनों का उपहास करना राष्ट्र की तरक्की के प्रति उनकी पूरी बेरुखी को दर्शाता है.
उन्होंने कहा, ”राहुल गांधी, जिन संस्थाओं की उपज हैं, जिनका वह मजाक उड़ाते हैं. वह सिर्फ़ अपने स्वार्थ के लिए समाज को बांटना चाहते हैं. उनके भाषण में विश्वसनीय आंकड़े, ठोस तथ्य और निष्ठावान इरादे का अभाव था. यह सियासी कौशल नहीं, बल्कि किसी भी मूल्य पर सत्ता पाने की हताश प्रयास है, राहुल गांधी से एकजुटता की आशा करना बहुत अधिक है. हिंदू धर्म का लगातार मजाक बनाना और उसको गाली देना उनके चरित्र में है. उन्होंने चक्रव्यूह के बारे में बात करते हुए बोला कि, हिंदुस्तान अक्षमता, करप्शन और राष्ट्र को बांटने की साजिशों के चक्रव्यूह से मुक्त हो रहा है, जिसको राहुल गांधी और उनके पूर्वजों ने रचा था.‘
हितैष जैन ने बोला कि राहुल गांधी के घृणित और विभाजनकारी एजेंडे को पहचानना होगा. इसके लिए राष्ट्र के युवाओं, मध्यम वर्ग और सभी समुदायों को एकजुट होना चाहिए. एक देश के रूप में हमारे पास दो विकल्प हैं- राहुल गांधी के नेतृत्व वाली तानाशाही और नफरत के रास्ते पर चलें या पीएम मोदी के नेतृत्व वाले विकासशील हिंदुस्तान के दृष्टिकोण को अपनाएं.