Congo: विद्रोही समूह एम 23 और कांगो सेना में जारी संघर्ष जारी है। पिछले वर्ष अपने आक्रामक अभियान को तेज करने के बाद से विद्रोही समूह ने DRC के पूर्वी उत्तरी किवु और दक्षिण किवु प्रांतों में बड़े क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया था। इस बीच अब बड़ी समाचार आई है। रवांडा समर्थित एम 23 विद्रोही समूह ने वालिकाले शहर से हटने का निर्णय किया है, जिसका रवांडा ने भी स्वागत किया है। साथ ही, कांगो गवर्नमेंट के दुश्मनी को कम करने के फैसला का भी इस्तकबाल किया। चलिए जानते हैं एम-23 क्या है और कांगो सेना से क्यों लड़ रहा है?
कांगो नदी गठबंधन, एक सियासी-सैन्य गठबंधन है। इसमें एम 23 विद्रोही भी शामिल हैं। M23 गुट शनिवार को वालिकेल और इर्द-गिर्द के इलाकों से अपने बलों को ‘रिपॉजिशन’ करने का घोषणा किया था। गठबंधन ने बोला था कि इस कदम का मकसद शांति पहलों का सपोर्ट करना है। उनका यह भी बोलना है कि पूर्वी डीआरसी में संघर्ष के मूल कारणों को संबोधित करने के लिए सियासी संवाद के लिए अनुकूल परिस्थितियां भी बनाना है।
इसके उत्तर में, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) की सेना ने भी साकारात्मक संदेश दिया। उन्होंने अपने आत्मरक्षा बलों से उसी दिन तनाव कम करने की अपील की। शांति वार्ता को अहमियत देने, लुआंडा और नैरोबी संवाद प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
रवांडा गवर्नमेंट का बयान
रवांडा गवर्नमेंट के स्पोक्सपर्सन के कार्यालय से एक बयान में बोला गया, ‘रवांडा चल रही शांति पहलों के समर्थन में वालिकेल से अपने बलों को हटाने की की एम23 की घोषणा का स्वागत करता है। इसके साथ ही डीआरसी की घोषणा का भी स्वागत करता है कि एफएआरडीसी (कांगो गवर्नमेंट के बल) और वाज़ालेंडो (सरकार समर्थक मिलिशिया) के सभी आक्रामक अभियान रोक दिए जाएंगे।‘ बयान में बोला गया है, ‘रवांडा सभी पक्षों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि प्रतिबद्धताओं का पालन सुनिश्चित किया जा सके।‘
M23 क्या है?
M23, जिसे मार्च 23 मूवमेंट के नाम से भी जाना जाता है। ये ग्रुप पूर्वी कांगो में एक सशस्त्र समूह है, जो वहां की सेना के विरुद्ध लड़ रहा है। एम 23 रवांडा और युगांडा की सीमा से लगे उत्तरी किवु प्रांत में सक्रिय है। यूनाइटेड नेशन के मुताबिक, एम23 के 8,000 से अधिक लड़ाके हैं। इसके अतिरिक्त एम23 को पड़ोसी राष्ट्र रवांडा के सैनिकों का सपोर्ट मिला हुआ है, जो इस समूह को और भी शक्तिशाली बनाता है।
M23 की कांगो सैनिकों से अदावत
‘एम23’ सशस्त्र समूह का गठन 2012 में तब हुआ था, जब पूर्व सीएनडीपी सैनिकों ने कांगो गवर्नमेंट के विरुद्ध बगावत किया था। उनका मकसद कांगो के तुत्सी और अन्य अल्पसंख्यकों के हितों की हिफाजत करना है, जिसमें हुतु विद्रोही समूहों से उनकी रक्षा करना भी शामिल है। एम23 का पूर्वी कांगो के कई शहरों पर कब्जा है, जिसमें गोमा और रुबाया जैसे शहर शामिल हैं।