जम्मू, जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 के समाप्त होने के बाद शुक्रवार को पहली बार विधानसभा में बजट पेश किया गया. सीएम उमर अब्दुल्ला ने यह बजट पेश किया. जम्मू और कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने बजट पर टिप्पणी करते हुए बोला कि यह बजट खासतौर पर गरीबों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. उन्होंने यह भी बोला कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने चुनाव के दौरान जो वादे किए थे, उन्हें इस बजट में पूरा किया गया है. विशेष रूप से स्त्रियों और गरीब बच्चों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं.
उपमुख्यमंत्री ने मीडिया से वार्ता करते हुए बोला कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जो वादे किए थे, वे सभी इस बजट में हैं. स्त्रियों के लिए निःशुल्क बस सेवा की घोषणा की गई है, जो उनके लिए एक बड़ी राहत है. इसके साथ ही, गरीब लड़कियों के लिए भी एक जरूरी कदम उठाया गया है. पहले उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब गवर्नमेंट उनकी सहायता के लिए कदम उठा रही है. यह बजट सिर्फ़ एक डॉक्यूमेंट्स नहीं है, बल्कि यह उन गरीबों, बच्चों और स्त्रियों के लिए एक सशक्त कदम है, जो पहाड़ों और दूरदराज इलाकों में रहते हैं और जिनकी जीवन में कभी भी गवर्नमेंट की योजनाओं का असर नहीं महसूस हुआ. इस बजट के माध्यम से हम उन्हें भी मुख्यधारा में शामिल करने की प्रयास कर रहे हैं.
उन्होंने यह भी बोला कि इस बजट में हर विभाग को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव पेश किए गए हैं. चाहे वह स्त्री सशक्तीकरण हो, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, ट्रांसपोर्ट, या कोई अन्य विभाग, हर क्षेत्र में इस बजट का असर साफ महसूस होगा. यह बजट राज्य की गवर्नमेंट का एक ऐतिहासिक कोशिश है, जो हर नागरिक को फायदा पहुंचाएगा.
इससे पहले, सुरिंदर कुमार चौधरी ने जम्मू और कश्मीर के सीएम के नेतृत्व में इस बजट को एक ऐतिहासिक कदम कहा और बोला कि यह बजट हर वर्ग के लिए फायदेमंद साबित होगा. उनका बोलना था कि अब राज्य में हर आदमी महसूस करेगा कि उसने ठीक गवर्नमेंट चुनी है, जो उसकी भलाई के लिए काम कर रही है.
जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने राज्य का बजट पेश करते हुए बोला कि वह वित्त मंत्री के तौर पर पहली बार बजट पेश करते हुए खुश हैं. उन्होंने इसे आर्थिक विकास का एक रोडमैप और लोगों की आकांक्षाओं का सच्चा प्रतिबिंब बताया.
सीएम उमर अब्दुल्ला ने बजट पेश करते हुए क्षेत्रीय स्थिरता और शांति की ओर बढ़ते कदमों को रेखांकित किया. उन्होंने बल देते हुए बोला कि राज्य अब स्थायी शांति की राह पर है और उनके बजट का मुख्य फोकस युवाओं और स्त्रियों को सशक्त बनाने, क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने और राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रयासों पर था.
उमर अब्दुल्ला ने भी बोला था कि यह बजट न सिर्फ़ राज्य के आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि यह हमारे युवाओं और स्त्रियों के लिए अवसरों का निर्माण करेगा, जिससे वे अपने जीवन को बेहतर बना सकेंगे.