Donald Trump: अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और गवर्नमेंट में उनके सहयोगी एलन मस्क मिलकर बड़े-बड़े निर्णय ले रहे हैं। इन्हीं फैसलों में सरकारी विभागों से बड़ी तादाद में कर्मचारियों को निकालने के आदेश भी शामिल हैं। ट्रंप ने कई विभागों से कर्मचारियों के निकाले के आदेश दिए हैं। कहा जा रहा है कि ये सभी निर्णय एलन मस्क के डिपार्टमेंट की तरफ सुझावों के बाद लिए गए हैं। हालांकि कर्मचारियों को निकाले के हुक्म पर ही न्यायालय ने चाबुक चला दिया है।
सैन फ्रांसिस्को के एक संघीय न्यायाधीश ने गुरुवार को डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के ज़रिए हजारों नए भर्ती किए गए कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी के आदेश को अस्थायी रूप से रोक दिया। इस छंटनी अभियान को अरबपति व्यवसायी एलन मस्क का भी समर्थन हासिल था और इसे सरकारी विभागों के आकार को छोटा करने की योजना के अनुसार किया जा रहा था।
क्या कहे जज?
डिस्ट्रिक्ट न्यायधीश विलियम एल्सप ने पाया कि इन कर्मचारियों की छंटनी गैरकानूनी हो सकती है क्योंकि अमेरिका के ऑफिस ऑफ पर्सनेल मैनेजमेंट (OPM) के पास संघीय एजेंसियों को कर्मचारियों को हटाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए अस्थायी रोक लगा दी। यह निर्णय मजदूर यूनियन और गैर-लाभकारी संगठनों (NGOs) की तरफ से दाखिल किया गया है।
किसने दाखिल किया मुकदमा?
यह केस पांच मजदूर यूनियनों और पांच गैर-लाभकारी संगठनों ने दाखिल किया था, जो ट्रंप प्रशासन के ज़रिए केंद्रीय कर्मचारियों की तादाद को बड़े पैमाने पर कम करने की कोशिशों का विरोध कर रहे हैं। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि सरकारी विभागों में कर्मचारियों की तादाद आवश्यकता से अधिक है और उनमें से कई ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। इस वजह से प्रशासन ने उन कर्मचारियों की छंटनी करनी प्रारम्भ कर दी जो अभी प्रोबेशन (परख) पीरियड में थे, यानी जिन्होंने अभी एक वर्ष पूरा नहीं किया था।
2 लाख कर्मचारियों पर गिरेगी गाज!
अमेरिका की संघीय एजेंसियों में कुल मिलाकर करीब 2 लाख प्रोबेशनरी कर्मचारी हैं, जिनमें से 15000 कैलिफोर्निया में कार्यरत हैं। ये कर्मचारी आग से बचाव (फायर प्रिवेंशन) से लेकर पूर्व सैनिकों (वेटरन्स) की देखभाल तक कई अहम सेवाएं देते हैं। मजदूर यूनियनों का बोलना है कि OPM के पास प्रोबेशन पीरियड में काम कर रहे कर्मचारियों को हटाने का कोई अधिकार नहीं है। वे यह भी कहते हैं कि छंटनी के पीछे यह झूठी वजह कहा गया कि ये कर्मचारी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे थे।
सरकार के वकीलों ने क्या दलील दी?
सरकार के वकीलों का बोलना है कि OPM ने सीधे तौर पर किसी भी एजेंसी को कर्मचारियों को निकालने का आदेश नहीं दिया। बल्कि, उन्होंने एजेंसियों को यह निर्देश दिया कि वे कर्मचारियों की समीक्षा करें और यह तय करें कि कौन से कर्मचारी अपनी जॉब पर बने रहने के योग्य हैं। गवर्नमेंट का यह भी बोलना है कि प्रोबेशन पीरियड वाले कर्मचारियों की जॉब की कोई गारंटी नहीं होती और केवल उन्हीं को रखा जाना चाहिए जो उच्च प्रदर्शन करने वाले हों और सरकारी एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण हों।
कौन हैं न्यायधीश विलियम एल्सप?
जज विलियम एल्सप, जिन्हें डेमोक्रेट राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने नियुक्त किया था, अपनी साफ और कठोर टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। वे पहले भी कई बड़े मामलों की सुनवाई कर चुके हैं, जिनमें अमेरिका की सबसे बड़ी बिजली कंपनी पैसिफिक गैस एंड इलेक्ट्रिक (PG&E) का मुद्दा शामिल है। उन्होंने इस कंपनी को कैलिफोर्निया के लिए एक लगातार खतरा तक कह दिया था।
यह मुद्दा अब आगे कानूनी लड़ाई का रूप ले सकता है, क्योंकि ट्रंप प्रशासन संघीय कर्मचारियों की तादाद में कटौती करने की अपनी योजना पर आगे बढ़ना चाहता है, जबकि मजदूर यूनियन और कर्मचारी इसके विरुद्ध लड़ाई जारी रखेंगे।