Manmohan Singh News: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रहने के दौरान मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) महीने में 1 या 2 बार मुंबई के फोर्ट क्षेत्र में स्थित मशहूर स्ट्रैंड बुक स्टॉल (Strand Book Stall) पर जाते थे और वहां आई अपनी पसंद की नयी किताबें खरीदते थे. पुस्तक की इस दुकान के कर्मचारियों ने शायद ही कभी सोचा होगा कि यह मृदुभाषी पुस्तक प्रेमी राष्ट्र का पीएम बनेगा.
कुछ वर्ष पहले बंद हो चुके बुक स्टोर ‘स्ट्रैंड’ के एक पूर्व कर्मचारी ने डाक्टर मनमोहन सिंह से जुड़ी यादें ताजा कीं. सिंह का गुरुवार रात 92 वर्ष की उम्र में दिल्ली में मृत्यु हो गया.
सिंह 1982 से 1985 के बीच आरबीआई गवर्नर थे : सिंह 1982 से 1985 के बीच आरबीआई गवर्नर थे. कभी-कभी वे ‘बंद गला’ सूट या कुर्ता-पायजामा पहनकर पैदल ही पुस्तक की दुकान पर जाते थे. ‘स्ट्रैंड’ में 2 दशक तक काम करने वाले टी। जगत ने बोला कि हम में से कई लोगों ने उन्हें उन दिनों दोपहर के भोजन के समय दुकान पर देखा है.
अब ‘किताब खाना’ बुक स्टोर के मुख्य परिचालन अधिकारी जगत पूर्व पीएम सिंह के विनम्र व्यवहार को याद करते हैं. जगत ने बोला कि मैं प्रबंधन और साहित्य अनुभाग संभालता था. वे प्रबंधन, वित्त और अर्थव्यवस्था से संबंधित किताबें मांगते थे.
उन्होंने बोला कि कभी-कभी मैं शेल्फ से उनके लिए कोई पुस्तक निकाल लेता था. जगत ने कहा कि सिंह उन्हें उनके नाम से बुलाते थे. कभी-कभी ‘स्ट्रैंड’ के मालिक टी।एन। शानबाग पर्सनल रूप से उनकी सहायता करते थे और नयी पुस्तकें दिखाते थे.
जगत ने बोला कि हम दोपहर में उनका प्रतीक्षा करते थे, क्योंकि हमें पता था कि वे किसी भी दिन आ सकते हैं. उन्होंने बोला कि हिंदुस्तान ने एक महान अर्थशास्त्री और एक अच्छे आदमी को खो दिया है.
जगत ने बोला कि स्ट्रैंड में अपने कार्यकाल के दौरान मैंने 7 से 8 आरबीआई गवर्नर देखे हैं. लेकिन मनमोहन सिंह उनमें से एक बहुत ही अलग चरित्र के थे. उन्होंने बोला कि बहुत महान व्यक्ति, बहुत मृदुभाषी और व्यावहारिक; वे हम सभी के साथ विनम्रता से पेश आते थे. जगत ने बोला कि कोई भी अन्य सियासी आदमी डाक्टर सिंह के कद की बराबरी नहीं कर सकता.