कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने गुरुवार को दावा किया कि राष्ट्र की अर्थव्यवस्था सुस्ती में है, लेकिन गवर्नमेंट स्थिति को संभालने के लिए कुछ नहीं कर रही है. उन्होंने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस में यह भी बोला कि वर्तमान समय में रोजगार सृजन नहीं हो रहा है, मंहगाई बढ़ रही है और व्यापक स्तर पर आर्थिक असमानता है.
पूर्व वित्त मंत्री ने कांग्रेस पार्टी की ओर से तैयार “अर्थव्यवस्था की असली स्थिति 2025″ शीर्षक वाली रिपोर्ट जारी करते हुए बोला कि इस रिपोर्ट में कई ऐसे तथ्यों का उल्लेख है जिनको गवर्नमेंट ने दबा दिया है. उन्होंने बोला कि गवर्नमेंट अर्थव्यवस्था की जो स्थिति बताती है वह वास्तविकता से दूर है. उन्होंने दावा किया, “अर्थव्यवस्था सुस्ती में है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता. पिछले वर्ष की आर्थिक वृद्धि की तुलना में इस वर्ष दो फीसदी तक की गिरावट आ सकती है.”
पी चिदंबरम ने बोला कि नए रोजगारों का सृजन नहीं हो रहा है और पिछले चार-पांच वर्ष से वेतन में बढ़ोतरी भी नहीं हो रही है. पूर्व वित्त मंत्री का बोलना था कि खाद्य, शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी मुद्रास्फीति दोहरे अंक में है. उनके मुताबिक, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि राष्ट्र में व्यापक असमानता है और अमीर एवं गरीब के बीच खाई बढ़ती जा रही है.
चिदंबरम ने इल्जाम लगाया कि इस खाई को पाटने के लिए गवर्नमेंट ने कुछ नहीं किया. पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव गौड़ा ने कटाक्ष करते हुए बोला कि राष्ट्र में “जॉब लॉस ग्रोथ” हो रही है. उन्होंने बोला कि महंगाई बढ़ रही है और लोगों की थाली महंगी होती जा रही है, लेकिन आय नहीं बढ़ रही है.