ईरान के लोग शुक्रवार (28 जून) को होने वाले नए राष्ट्रपति को चुनने के लिए वोट डालेंगे। चुनाव में इब्राहिम रईसी के उत्तराधिकारी का चयन किया जाएगा। रईसी की हेलीकॉप्टर हादसा में मौत हो गई थी। इस चुनाव में सिक्योरिटी हार्डलाइनर्स का दबदबा रहने की आशा है, जो रईसी के अडिग पश्चिमी विरोधी विचारों से सहमत हैं।
हालांकि राष्ट्रपति राष्ट्र की गवर्नमेंट चलाते हैं लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसकी विदेश नीति जैसे मुद्दों की असली शक्ति सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के हाथों में है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि खामेनेई एक ऐसे निष्ठावान राष्ट्रपति की तलाश में हैं, जिस पर वे भरोसा कर सकें। जानते हैं मतदान प्रक्रिया कैसे काम करती है: –
1-पांच उम्मीदवार लड़ रहे हैं चुनाव
ईरान के कट्टरपंथी कानूनी नज़र संस्था गार्जियन काउंसिल ने राष्ट्रपति पद के लिए दर्ज़ 80 उम्मीदवारों में से पांच कट्टरपंथियों और एक उदारवादी को स्वीकृति को चुनाव लड़ने की आशा दी है। उदारवादी उम्मीदवार को कम जरूरी बताया जा रहा है।
2-गार्जियन काउंसिल क्या है?
यह काउंसिल, उम्मीदवारों की सियासी और इस्लामी योग्यताओं की जांच करती है। यह सर्वोच्च नेता द्वारा नियुक्त मौलवियों और न्यायपालिका प्रमुख की ओर से नामित तथा संसद द्वारा अनुमोदित इस्लामी न्यायविदों का 12 सदस्यीय पैनल है।
3-उम्मीदवारी के लिए योग्यता
उम्मीदवार के रूप में सलेक्ट होने के लिए, राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को ईरानी मूल का होना चाहिए और ईरानी नागरिक होना चाहिए। उसे एक प्रतिष्ठित सियासी या धार्मिक आदमी माना जाना चाहिए। आवेदक का इस्लामी गणराज्य के प्रति धर्मनिष्ठता और निष्ठा का बेदाग रिकॉर्ड होना चाहिए।
4-क्या महिलाएं भी हो सकती हैं उम्मीदवार?
गार्जियन काउंसिल स्त्रियों को राष्ट्रपति पद के लिए खड़े होने से रोकती है। हालांकि कुछ शीर्ष मौलवियों और मानवाधिकार वकीलों का तर्क है कि संविधान स्त्रियों को चुनाव से बाहर नहीं रखता है।
5-कौन डाल सकता है वोट?
18 साल से अधिक उम्र के सभी ईरानी मतदान कर सकते हैं, जिसका अर्थ है कि ईरान के 85 मिलियन से अधिक लोगों में से 61 मिलियन से अधिक लोग मतदान करने के पात्र हैं।
6-वोटों की गिनती
सभी वोटों की मैन्युअल रूप से गणना की जाएगी। इसलिए आखिरी रिज़ल्ट दो दिनों तक घोषित नहीं किया जा सकता है, हालांकि आंशिक रिज़ल्ट शीघ्र दिखाई दे सकते हैं।
7-रन-ऑफ राउंड
अगर कोई भी उम्मीदवार रिक्त मतों सहित डाले गए सभी मतों में से कम से कम 50 फीसदी से अधिक एक वोट (50 percent+1) नहीं जीतता है, तो चुनाव रिज़ल्ट घोषित होने के बाद पहले शुक्रवार को शीर्ष दो उम्मीदवारों के बीच एक रन-ऑफ राउंड आयोजित किया जाता है।