बिहार-झारखंड की लाइफलाइन कही जाने वाली नेशनल हाईवे यानी NH-20 पर यातायात में जल्द ही सुधार होने वाला है. बिजवनपर रेल ओवरब्रिज (ROB) के निर्माण कार्य में तेजी आ गई है और 11 दिसंबर से इसका टू-लेन चालू हो जाएगा.
नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इण्डिया यानी NHAI के ऑफिसरों के मुताबिक, ROB के जनवरी के आखिरी हफ्ते तक चालू हो जाने की आशा है. इसके बाद फोरलेन को NHAI को सौंप दिया जाएगा. इसके साथ ही धमौली में बनी टोल प्लाजा को भी प्रारम्भ कर दिया जाएगा.
6 सितंबर से डायवर्ट रूट
बिजवनपर रेल ओवरब्रिज के निर्माण के कारण 6 सितंबर से नवादा जाने वाले वाहनों को डायवर्ट रूट से गुजरना पड़ रहा था. इसने यात्रियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा था. अब 11 दिसंबर से इस परेशानी से निजात मिल जाएगी.
2310 करोड़ रुपए की लागत से चल रहा निर्माण
रजौली-बख्तियारपुर के बीच की सड़क को फोरलेन बनाने पर 2,310 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं. इस परियोजना के अनुसार कई एलिवेटेड रोड भी बनाए जा रहे हैं, जिनमें गिरियक, बिहारशरीफ, मोरा तालाब, भागन बिगहा, धमौली, वेना और हरनौत शामिल है.
किसानों को होगा फायदा
एनएच-20 के फोरलेन होने से न सिर्फ़ यातायात सुगम होगा बल्कि किसानों को भी लाभ होगा. वे अपनी उपज को सरलता से बाजार में पहुंचा पाएंगे.
कहां, कितना है एलिवेटेड सड़क
बख्तियारपुर से रजौली की सड़क को फोरलेन बनाने के लिए तीन खंडों में बांटा गया है. दूसरे और तीसरे खंड की कुल लंबाई 98 किलोमीटर है. जबकि, रजौली जंगल के पौने सात किलोमीटर रोड को फर्स्ट पैकेज माना गया है. इसके लिए टेंडर होने के बाद निर्माण प्रारम्भ कर दिया गया. लेकिन, केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के किसी तथ्य पर अवरोध के कारण निर्माण पर रोक लगा दी गयी है. यहां एलिवेटेड रोड:1. गिरियक : 2.50 किलोमीटर2. बिहारशरीफ : 2.225 किमी3. मोरा तालाब : 0.4 किमी4. भागन बिगहा : 1.05 किमी5. धमौली : 0.244 किमी6. वेना : 0.725 किमी7. हरनौत : 2.7 किमी है.
आगे की चुनौतियां
हालांकि, रजौली जंगल के पौने सात किलोमीटर रोड के निर्माण में केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से कुछ बाधाएं आ रही हैं. लेकिन, ऑफिसरों का बोलना है कि इस परेशानी का निवारण जल्द ही निकाल लिया जाएगा.