प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 से 23 सितंबर के बीच अमेरिका के दौरे पर रहेंगे. इस यात्रा के दौरान उनका कार्यक्रम बहुत व्यस्त रहेगा. दौरे में क्वाड समिट, संयुक्त देश महासभा का सत्र, कई द्विपक्षीय और शिष्टाचार मुलाकातें शामिल हैं. इसके अलावा, वे शीर्ष सीईओ और व्यापार जगत के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे और न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे.
इस दौरे से पहले, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात होगी. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 5 नवंबर को होने वाले हैं, और ट्रंप वर्तमान में पूरे अमेरिका में अपने प्रचार अभियान में व्यस्त हैं. हालांकि, ट्रंप के इस दावे के बावजूद, हिंदुस्तान के विदेश मंत्रालय ने पीएम के यात्रा कार्यक्रम में ऐसी किसी बैठक की आधिकारिक घोषणा नहीं की है.
जब पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “कई बैठकें तय हो रही हैं और प्रक्रिया चल रही है. फिलहाल हम किसी विशेष बैठक की पुष्टि नहीं कर सकते हैं. जब भी कोई बैठक तय और सुनिश्चित होगी, हम सभी को सूचित करेंगे.”
इससे पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोला कि पीएम मोदी अगले हफ्ते अपनी तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात करेंगे. रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी ट्रंप ने आयात शुल्क का ‘‘दुरुपयोग’’ करने के लिए हिंदुस्तान की आलोचना की लेकिन उन्होंने पीएम मोदी को एक ‘‘शानदार व्यक्ति’’ बताया.
हाल में मर्डर के कोशिश के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए ट्रंप ने मंगलवार को बोला कि मोदी अगले हफ्ते अमेरिका में उनसे मुलाकात करेंगे. उन्होंने दोहराया कि हिंदुस्तान आयात पर भारी शुल्क लगाता है. उन्होंने कहा, ‘‘भारत बहुत अधिक दुरुपयोग करता है. वह (मोदी) अगले हफ्ते मुझसे मिलने वाले हैं और मोदी बहुत बढ़िया हैं. मेरा मतलब है कि वह बहुत बढ़िया आदमी हैं. कई नेता बहुत बढ़िया हैं.’’ पूर्व राष्ट्रपति ने मिशिगन के फ्लिंट में एक सभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए व्यापार और कर के बारे में बात करते हुए यह टिप्पणी की. ट्रंप ने कहा, ‘‘ये बहुत चतुर लोग हैं… आप जानते हैं, वे अपने खेल में माहिर हैं और वे इसका इस्तेमाल हमारे विरुद्ध करते हैं. हिंदुस्तान बहुत कठोर है. ब्राजील बहुत कठोर है… चीन सबसे कठोर है, लेकिन हम शुल्क के मुद्दे में चीन पर नजर रख रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, हम पारस्परिक व्यापार करने जा रहे हैं. यदि कोई हम पर 10 सेंट लगाता है, यदि कोई हम पर दो $ लगाता है, यदि कोई हम पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाता है तो हम भी उस पर उतना लगाते हैं.