नई दिल्ली. टी20 विश्व कप 2024 की विजेता भारतीय क्रिकेट टीम ने गुरुवार सुबह पीएम मोदी से मुलाकात की. इस दौरान खिलाड़ियों के अतिरिक्त बीसीसीआई अध्यक्ष रोजर बिन्नी, सचिव जय शाह और टीम के हेड कोच राहुल द्रविड़ भी थे. पीएम के साथ खिलाड़ियों की मुलाकात बहुत बढ़िया रही और इस दौरान पीएम ने अपने रेट से लोगों का दिल भी जीत लिया.
जब पीएम और खिलाड़ियों की विश्व कप ट्रॉफी के साथ फोटो ली गई तो पीएम ने ट्रॉफी को अपने हाथ में नहीं लिया. यह वो आईसीसी ट्रॉफी है जो राष्ट्र को 11 वर्ष प्रतीक्षा करने के बाद मिली है और क्रिकेट वह खेल है जिसकी लोकप्रियता की तुलना हिंदुस्तान में किसी और चीज से नहीं की जा सकती. लेकिन पीएम ने ट्रॉफी को अपने हाथ से नहीं पकड़ा है, जिन्होंने इसे लाने में मेहनत की है उनके हाथों को पकड़ा है. ऐसे में पीएम का ट्रॉफी को अपने हाथ में लेने के बजाए खिलाड़ियों के हाथों में देना फैंस का दिल जीत रहा है.
भारतीय टीम बारबाडोस में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध रोमांचक फाइनल मुकाबले को 7 रन से जीतकर दिल्ली में पीएम से उनके आधिकारिक आवास पर मिली. टीम ने पीएम के साथ नाश्ता करने के साथ अपनी ऐतिहासिक जीत पर लंबी वार्ता भी की. वार्ता के बाद पीएम ने खिलाड़ियों के साथ फोटोज़ ली. इन तस्वीरों के अतिरिक्त एक ग्रुप फोटो भी ली गई जिसमें पीएम ने ट्रॉफी को स्वयं अपने हाथों में लेने के बजाए अपने बराबर में खड़े कप्तान रोहित शर्मा और हेड कोच राहुल द्रविड़ के हाथों में थमा दी.
ट्रॉफी को राहुल द्रविड़ और रोहित शर्मा ने पकड़ा हुआ था जबकि पीएम इन दोनों दिग्गजों के हाथ पकड़े हुए थे. इस तरह नरेंद्र मोदी फोटो के केंद्र में होने के बावजूद ट्रॉफी स्वयं नहीं पकड़ रहे थे. पीएम का संदेश साफ है कि जिस ट्रॉफी को राष्ट्र लाने के लिए जिन खिलाड़ियों और कोच ने असल मेहनत की है, उसका श्रेय भी उन्हीं को दिया जाना चाहिए. ऐसे में पीएम ने ट्रॉफी को खिलाड़ियों को समर्पित किया है. सोशल मीडिया पर पीएम के इस रेट की काफी प्रशंसा हुई है और लोग इसको लीडर की पहचान बता रहे हैं.
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद भारतीय टीम वापस दिल्ली एयरपोर्ट से मुंबई चली गई है जहां वे ओपन बस में विजय परेड करेंगे. इसके बाद टीम वानखेड़े स्टेडियम में प्रवेश करेगी. हिंदुस्तान ने दूसरी बार टी20 विश्व कप जीता है. इससे पहले टीम ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 2007 में पहली बार ये खिताब जीतने में कामयाबी हासिल की थी.