रूस के कजान में ब्रिक्स (BRICS) राष्ट्रों की बैठक हो रही है. इस मौके पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने डिनर का कार्यक्रम रखा. डिनर के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी, पुतिन और चीन के राषट्रपति शी जिनपिंग साथ-साथ दिखे. दुनिया के तीनों कद्दावर नेताओं के बीच संबंध काफी सौहार्दपूर्ण दिखे. आपको बता दें कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और शी जिनिपिंग की यह मुलाकात कई मायनों में खास है. गलवान घाटी की घटना के बाद दोनों राष्ट्रों के बीच दूरी आ गई है. ब्रिक्स की बैठक से पहले इस परेशानी का हल निकालने के लिए दोनों राष्ट्र एक समझौते पर पहुंचे हैं.
इस तस्वीर से चीन और रूस के बीच गहरे होते संबंधों को भी पता चल रहा है. रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से दोनों राष्ट्रों के बीच संबंध काफी मजबूत हुए हैं. दोनों ही राष्ट्र अमेरिका को नापसंद करते हैं.
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में एक दोस्ताना पल भी कैद हुआ जब व्लादिमीर पुतिन ने नरेंद्र मोदी से हाथ मिलाकर और गले मिलकर उनका अभिवादन किया. इससे उनके करीबी संबंध का पता चलता है.
आपको बता दें कि विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मंगलवार को बोला कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और शी जिनपिंग बुधवार को रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठक करेंगे. यह दोनों राष्ट्रों के बीच चार वर्ष से चल रहे सैन्य गतिरोध को खत्म करने में एक बड़ी कामयाबी है. जून 2020 में गलवान घाटी में हुई भयंकर झड़प के बाद दोनों एशियाई दिग्गजों के बीच संबंध काफी खराब हो गए थे.
ब्रिक्स गाला डिनर के दौरान पुतिन को प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बैठाया गया. यह तीनों राष्ट्रों के बीच घनिष्ठ राजनयिक संबंधों की ओर परिवर्तन का संकेत देता है. मोदी और शी जिनपिंग की अंतिम बार सीमा गतिरोध प्रारम्भ होने से महीनों पहले अक्टूबर 2019 में मामल्लापुरम में बैठक हुई थी.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 4 जुलाई को कजाकिस्तान में शंघाई योगदान संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में और 25 जुलाई को लाओस में आसियान से संबंधित बैठकों के दौरान चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की थी. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी 12 सितंबर को सेंट पीटर्सबर्ग में ब्रिक्स बैठक में वांग से मुलाकात की.