आज की तेज रफ्तार जीवन में जब हम फास्ट फूड, प्रोसेस्ड स्नैक्स और शुगर-रिच ड्रिंक्स की ओर आकर्षित होते हैं, तब हमारी किडनी पर पड़ने वाला असर अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। हाल के शोध बताते हैं कि मॉर्डन डाइट में उपस्थित केमिकल प्रिजर्वेटिव, अधिक नमक, शक्कर और ट्रांस फैट्स किडनी के लिए धीमा जहर साबित हो रहे हैं। जानकारों का मानना है कि इन खाद्य पदार्थों का लगातार सेवन किडनी की काम को प्रभावित कर, समय के साथ किडनी की रोग का खतरा बढ़ा देता है।
मशहूर नेफ्रोलॉजिस्ट डाक्टर अमर सिंह ने कहा कि हमारी डेली डाइट में जिस मात्रा में प्रोसेस्ड और जंक फूड शामिल हैं, उससे किडनी पर अधिक दबाव पड़ता है। ये फूड हमारे शरीर में सूजन पैदा करते हैं, जिससे किडनी को एक्स्ट्रा मेहनत करनी पड़ती है। उन्होंने आगे बोला कि यह स्थिति धीरे-धीरे किडनी के पेशाब फिल्टर करने वाले निफ्रॉन पर बुरा असर डालती है और अंततः किडनी की काम में गिरावट आती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मॉर्डन डाइट में कम पोषण तत्व होने के साथ-साथ अधिक कैलोरी, नमक और नुकसानदायक केमिकल्स की मात्रा किडनी के लिए बहुत हानिकारक है। ज्यादा सोडियम की मात्रा ब्लड प्रेशर बढ़ा देती है, जिससे किडनी को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। डॉ। अमर सिंह ने बोला कि यदि इस परेशानी का समय रहते निवारण नहीं किया गया, तो यह क्रोनिक किडनी डिजीज में परिवर्तित हो सकती है।
बचाव के आसान तरीके
* अपने भोजन में ताजे फल, हरी सब्जियाँ, साबुत अनाज और प्रोटीन के स्वस्थ साधन शामिल करें। प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड से दूर रहें।
* अपने खाने में नमक और शक्कर की मात्रा को कंट्रोल करने से किडनी पर दबाव कम होता है। घर पर पकाए जाने वाले खाने में मसालों और नमक का बैलेंस इस्तेमाल करें।
* दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीने से शरीर से नुकसानदायक टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं और किडनी की सफाई होती है।
* रोजाना कुछ समय के लिए हल्की-फुल्की एक्सरसाइज जैसे तेज चलना या योग करने से न केवल शरीर में एनर्जी बनी रहती है, बल्कि किडनी पर भी अच्छा असर पड़ता है।
* धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें, क्योंकि ये दोनों किडनी के लिए अधिक नुकसानदायक होते हैं।