हर वर्ष 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस (World Mosquito Day) मनाया जाता है. जी हाँ, क्योंकि इस दिन ही इस बात का पता लगा था कि मच्छर मलेरिया का कारण बनने वाले परजीवी को फैलाने का काम करता है. आपको बता दें कि इस दिन को मनाने का उद्देश्य मलेरिया के प्रति जागरूकता को फैलाने और इसके रोकथाम के लिए कदम उठाने की आवश्यकता के तरफ आम जनता और गवर्नमेंट का ध्यान आकर्षित करना है. वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन की वर्ष 2017 की एक रिपोर्ट के अनुसार, हिंदुस्तान में मलेरिया के सबसे अधिक मुद्दे सामने आते हैं. अब इस समय भी मानसून का मौसम है और इस दौरान मच्छर अधिक होते हैं. अब आज हम आपको बताने जा रहे हैं मलेरिया के लक्षण और इसके होने पर क्या खाएं ?
मलेरिया के लक्षण-
बुखार
ठंड लगना
पसीना
सिरदर्द
मतली और उल्टी
थकान
शरीर में दर्द
एनीमिया
किडनी की समस्या
श्वसन संबंधी समस्याएं
निम्न रक्तचाप
हल्दी- हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन मलेरिया में दवा जैसा काम करता है. इसी के साथ हल्दी एक एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल गुण वाला मसाला भी है जो प्लास्मोडियम संक्रमण के कारण पैदा होने वाले विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालता है. इसका एंटी-इंफ्लेमेटरी मलेरिया के कारण मांसपेशियों और जोड़ो में होने वाले दर्द को कम करने का काम करता है.
कलौंजी – कलौंजी में एंटी-मलेरियल गुण उपस्थित होता है. इसी के साथ ही इसमें उपस्थित एंटीऑक्सीडेंट गुण मलेरिया के प्लाज्मोडियम संक्रमण से भी लड़ने का काम करता है. आप आधा चम्मच कलौंजी पाउडर ले और इसे एक गिलास पानी के साथ गटक जाएं.
मेथी के बीज- मेथी मलेरिया के परजीवी से लड़ सकती है. आप आधा चम्मच मेथी के बीजों को एक गिलास पानी में भिगोकर रातभर के लिए रख दें और सुबह इसी पानी को छानकर खाली पेट इसका सेवन करें.