पहाड़ों पर होने वाला खट्टा मीठा फल खुबानी तो सबको भाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये फल स्वास्थ्य का भी खजाना है। भीलवाड़ा के बाजार में इन दिनों कश्मीरी फल खुबानी छाया हुआ है। यह न सिर्फ़ स्वाद में बेहतरीन है बल्कि इसके हेल्थ बेनिफिट भी हैं। इसकी एक विशेषता यह भी है कि इसे हर तरह से खाया जा सकता है।एक परिवार के तीन फल
फ्रूट व्यापारी जगदीश कुमार माली का बोलना है भीलवाड़ा में इन दिनों खुबानी फल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ये एक पहाड़ी गुठलीदार फल है। खुबानी-आलू बुखारा और आडू तीनों एक ही एक ही परिवार के फल कहे जाते हैं। पहाड़ी इलाकों में खासतौर से उत्तर हिंदुस्तान में इसकी खेती की जाती है।
खुबानी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। इस फल को खाने से शरीर में पानी की कमी दूर होती है। भीलवाड़ा जिले की फल मंडियों में इन दिनों कश्मीर से यह फल आ रहा है। यह स्वाद में खट्टा मीठा और काफी टेस्टी होता है। यदि इसकी बाजार मूल्य की बात की जाए तो भीलवाड़ा में यह कश्मीरी फल 220 रुपये में 800 ग्राम के पैकेट में बिक रहा हैं।
सेहत का खजाना
खुबानी में विटामिन-A, बीटा-कैरोटीन और कैरोटीनॉयड भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो आंखों के लिए बहुत लाभ वाला है। विटामिन के साथ-साथ इसमें पोटेशियम, कॉपर, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस आदि भी पाए जाते हैं। खुबानी में फाइबर की मात्रा भी अधिक होती है। इसे ड्राई फ्रूट्स के रूप में भी खाया जा सकता है। इसे सुखा के खाने से इसके लाभ और बढ़ जाते हैं। खुबानी पाचन तंत्र, इम्युनिटी बढ़ाने के लिए सबसे लाभ वाला है। इसके साथ ही ये वजन कम करने में भी सहायता करता है। इसमें बीटा कैरोटीन और विटामिन-ए, सी, ई जैसे कई एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं। जो डायबिटीज के साथ-साथ दिल की रोंगों से भी बचाव करते हैं। खुबानी के सेवन से कॉलेस्ट्रॉल भी कंट्रोल में रहता है। इससे हार्टअटैक का खतरा कम होता है। खुबानी के सेवन से मेटाबॉलिज्म दुरुस्त रहता है। इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इनके सेवन से मेटाबॉलिज्म तेज होता है और शरीर सक्रिय रहता है।