आपका शरीर कैसे काम करता है, इसको सपोर्ट करने के लिए ठीक मात्रा में विटामिन और मिनरल्स प्राप्त करना जरूरी है। वे सामान्य वृद्धि और विकास को सपोर्ट करने से लेकर इम्यूनिटी को बूस्ट करने और आपकी हड्डियों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से, विटामिन सी एक पोषक तत्व है जो रोंगों से तेजी से ठीक होने और लंबे समय तक अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
विटामिन सी के मान्यता प्राप्त फायदा अनेकों हैं। ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट शरीर की सुरक्षा को मजबूत करने और इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में जरूरी किरदार निभाता है। हिंदुस्तान में बहुत से लोगों में विटामिन सी की कमी है। इसमें उत्तर हिंदुस्तान में लगभग 74% बुजुर्ग जनसंख्या (60 साल और उससे अधिक) और दक्षिण हिंदुस्तान में 46% जनसंख्या शामिल है। आइए जानते हैं कि विटामिन सी की कमी से किन 6 स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
स्कॉर्ब्यूटिक रोग (स्कोर्ब्यू)
स्कॉर्ब्यूटिक रोग विटामिन सी की गंभीर कमी के परिणामस्वरूप होता है। यह रोग शरीर में विटामिन सी की कमी के कारण होने वाले लक्षणों में गिंगिवाइटिस, बालों की सूखापन, स्किन रूखापन, खून के बहने की समस्या, थकान, मानसिक अस्थिरता आदि शामिल हो सकते हैं।
सर्दी-जुकाम, बुखार
विटामिन सी शरीर के इम्यून सिस्टम के लिए अत्यंत जरूरी होता है। इसकी कमी के कारण शरीर की इम्यूनिटी कम हो सकती है, जिससे आपको सामान्य से अधिक बुखार, आम जुकाम, संक्रमणों की आमतौर पर होने वाली आवृत्ति आदि का सामना करना पड़ सकता है।
बेरी बेरी
यह एक रोग है जो विटामिन सी की कमी के कारण होती है। यह रोग आपके दिल को प्रभावित कर सकता है और दिल संबंधी समस्याओं जैसे सिरदर्द, सांस लेने में कठिनाई, पैरों में सूजन आदि हो सकती है।
ब्लीडिंग (हेमरेज)
विटामिन सी की कमी के कारण शरीर की संरचनात्मक परतों में कमजोरी हो सकती है, जिससे ब्लीडिंग की परेशानी हो सकती है। यह खून की बहुत तेज बहाव, नाक से ब्लीडिंग, हेमरेज आदि के रूप में प्रकट हो सकता है।
गठिया
विटामिन सी की कमी के कारण शरीर में कॉलेजन की कमी हो सकती है, जो गठिया रोग का कारण बन सकती है। गठिया में जोड़ों के दर्द, स्वेलिंग, स्टिफनेस आदि के लक्षण हो सकते हैं।
स्किन समस्याएं
विटामिन सी की कमी से त्वचा स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है और स्किन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। यह त्वचा के अंदरीय लोगों के रंग में कमी, त्वचा के रूखे होने, त्वचा में छिलने की समस्या, मुंहासे, डार्क स्पॉट्स आदि के रूप में प्रकट हो सकते हैं।