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सांस हमारे जीवन का आधार हैं, इससे संबंधित विकारों का शरीर पर कई प्रकार से गंभीर दुष्प्रभाव देखने को मिल सकता है. क्या आप जानते हैं कि गहरी सांस लेने और छोड़ने का अभ्यास शरीर के लिए बहुत लाभदायक हो सकता है? योग विज्ञान में इसे डीप ब्रीदिंग योगाभ्यासों के रूप में जाना जाता है. योग जानकारों के अनुसार ये सबसे आसान लेकिन शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य के लिए अति कारगर योगाभ्यास हो सकते हैं. तनाव कम करके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने और शरीर के अंगों की शक्ति को बढ़ाने में भी इन योगाभ्यासों से फायदा मिल सकता है.डीप ब्रीदिंग योग को इम्युनिटी बूस्टर अभ्यास में से एक माना जाता है. जानकार कहते हैं, जिस तरह से कम उम्र के लोगों में फेफड़ों और दिल रोग की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, ऐसे में इस योग के अभ्यास की आदत आपको विशेष फायदा दे सकती है. सबसे खास बात इसे आप बैठे-बैठे कहीं भी करके फायदा पा सकते हैं. दिनचर्या में डीप ब्रीदिंग योग को शामिल करना संपूर्ण स्वास्थ्य फायदा में आपके लिए सहायक हो सकता है, सभी उम्र के लोगों को इसकी आदत जरूर बनानी चाहिए. आइए डीप ब्रीदिंग योग के नियमित अभ्यास से होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं.
कैसे किया जाता है यह अभ्यासडीप ब्रीदिंग योग का अभ्यास वैसे तो कभी भी किया जा सकता है, पर यदि इसे आप योग की दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं तो इसके लिए कुछ खास बातों को जरूर ध्यान में रखना चाहिए. इस योग को करने के लिए अपने पैरों को फर्श पर क्रॉस करके बैठ जाएं. अपनी पीठ को सीधा रखते हुए, पांच सेकंड के लिए अपनी नाक से लंबी सांस लें. 10 सेकंड के लिए अपने फेफड़ों के अंदर हवा को रोके रखें. फिर इसे धीरे-धीरे छोड़ें. प्रतिदिन यह अभ्यास 5-10 मिनट तक करने की आदत बनाएं. सुबह-सुबह खुली हवा में इस योगाभ्यास को करना सबसे लाभकारी माना जाता है.
डीप ब्रीदिंग योग से क्या फायदा है?
डीप ब्रीदिंग योग के अभ्यास की आदत शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की स्वास्थ्य को ठीक रखने में आपके लिए सहायक हो सकती है. योग जानकारों का बोलना है कि लंबी सांस लेने वाले अभ्यास फेफड़ों को मजबूती देते हैं जिससे शरीर में ऑक्सीजन का संचार बेहतर रहता है.
- तनाव कम करता है और मानसिक शांति बढ़ाता है.
- सिरदर्द और कई प्रकार के अन्य दर्द से राहत मिलता है. …
- लसीका प्रणाली को उत्तेजित करता है, शरीर को डिटॉक्सीफाई करने का सबसे कारगर तरीका है.
- प्रतिरक्षा में सुधार करता है, जिससे कई प्रकार की रोंगों का खतरा कम हो जाता है.
- शारीरिक ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है.
- रक्तचाप और पाचन से संबंधित विकारों को दूर करने में इससे फायदा मिल सकता है.
- मस्तिष्क को स्वस्थ रखने और तंत्रिकाओं के कार्य को बेहतर रखने में इस योग के अभ्यास को कारगर माना जाता है.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?गहरी सांस के अभ्यास की आदत शरीर से कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर करने और ऑक्सीजन के संचार को बढ़ावा देने का सबसे कारगर उपाय माना जाता है. इससे रक्तचाप को कम करने और तनाव कम करने में भी फायदा पाया गया है. ऐसे में इस एक आसान से योग के अभ्यास की आदत शारीरिक-मानसिक दोनों प्रकार की स्वास्थ्य को ठीक रखने में आपके लिए सहायक हो सकती है