बढ़ती उम्र और गलत लाइफस्टाइल के कारण मोटापा घेरने लगता है। इस मोटापे से बचने के लिए आपको हर संभव कोशिश करना चाहिए। क्योंकि धीमी गति से बढ़ रहा यह मोटापा आपकी हड्डियों और जोड़ों के लिए कई तरह की परेशानीएं खड़ी करने लगता है। यदि आपके जोड़ों में रेट्द रहने लगा है और अक्सर आपकी सांस फूल जाती है तो आपको अपने वजन पर एक नजर जरूर डालनी होगी। क्योंकि ये लक्षण आमतौर पर वजन बढ़ने पर दिखाई देते हैं और जब आप वजन कम कर लेते हैं तब आपको इन परेशानीओं से तुरंत राहत मिलती है।।।
घुटनों में रेट्द होना कोहनी में रेट्द होना कमर के निचले हिस्से में रेट्द होना नसों में जकड़न होना
ऑस्टियोऑर्थराटिस और रुमेटाइड ऑर्थराइटिस। इनमें ऑस्टियोऑर्थराइटिस मुख्य रूप से मोटापे की वजह से होती है और इससे दैनिक जीवन के कामकाज करने में भी दिकक्त होने लगती है। मोटापे के अलावा लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ आदतें भी ओस्टियोऑर्थराइटिस की वजह बनती हैं। जैसे, एक्सर्साइज ना करना, सही डायट ना लेना, फ्राइड फूड अधिक खाना इत्यादि।
मोटापे के कारण शरीर के इन हिस्सों में बढ़ती है ऑस्टियोऑर्थराइटिस।।।
कंधा घुटना हिप कोहनी कलाई एंकल कमर
ऑस्टियोऑर्थराइटिस में मोटापे के कारण शरीर के उन जॉइंट्स पर वजन अधिक बढ़ने लगता है, जो आपके पूरे शरीर का भार ले रहे होते हैं। ऐसे उन जॉइंट्स और मसल्स में कमजोरी आने लगती है। यदि हिंदुस्तान की बात करें तो यहां के लोगों में घुटने संबंधी ऑस्टियोऑर्थराइटिस अधिक देखने को मिलती है।
ओस्टियोपोरोसिस
ओस्टियोपोरोसिस हड्डियों से जुड़ी एक एसी स्थिति है, जिसमें बोन्स के अंरेट का लिक्विड और उन्हें सपॉर्ट करने वाली मांसपेशियां, मास-मज्जा इत्यादि सिकुड़ने लगते हैं। इससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और फ्रैक्चर होने की आंसंदेहा कई गुना बढ़ जाती है। कई भिन्न-भिन्न रिसर्च में यह बात सामने आई है कि बोन मिनरल डेंसिटी को कम करके हड्डियों को कमजोर बनाने वाली बीमारी ओस्टियोपोरोसिस को बढ़ावा शरीर में बढ़ते हुए फैट के कारण मिलता है। इसलिए ना केवल स्वस्थ शरीर शरीर के लिए बल्कि मजबूत हड्डियों के लिए भी आपको अपने शरीर पर फैट नहीं बढ़ने देना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को सिर्फ सुझाव के रूप में लें, मीडिया इनकी पुष्टि नहीं करता है। इस तरह के किसी भी इलाज/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले चिकित्सक की राय जरूर ले