जिस तरह से आए दिन हार्ट अटैक, स्ट्रोक और कार्डिएक अरेस्ट के मुद्दे बढ़ रहे हैं, उससे लोगों में चिंता होना स्वभाविक है। आजकल युवा उम्र में ही हार्ट अटैक से लोगों की मौतें हो रही हैं। हार्ट अटैक हो या कार्डिएक अरेस्ट दिल से संबंधित अधिकतर रोंगों के लिए बैड कोलेस्ट्रॉल ही मुख्य रूप से उत्तरदायी होता है। हमारे गलत खान-पान और गतिहीन जीवनशैली के कारण धमनियों में बैड कोलेस्ट्रॉल या एलडीएल की मात्रा बढ़ जाती है। कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार का फैट है जो चिपचिपे मोम की तरह होता है। जब यह धमनियों या नसों में जमा होने लगता है तो धमनियां पतली होने लगती है। इस कारण खून को हार्ट तक पहुंचने में परेशानी होती है। जब खून ठीक से हार्ट तक नहीं पहुंचता है तो हार्ट अटैक आ जाता है।
अब यह सबको पता हो चुका है कि हमारी खराब डाइट और गतिहीन जीवनशैली के कारण कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। इसलिए यदि हम अपनी आदतों में सुधार कर लें तो बैड कोलेस्ट्रॉल को सरलता से कम कर सकते हैं। कई अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि अलसी के बीज बैड कोलेस्ट्रॉल को तेजी से कम करते हैं और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा देते हैं।
कैसे कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं ये बीज
अमेरिकन सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन के जर्नल पब मेड सेंट्रल में प्रकाशित एक रिसर्च में दावा किया गया है कि अलसी के बीज में 30 फीसदी डाइट्री फाइबर होता है जो हार्ट डिजीज के जोखिम को कई गुना कम कर देता है। डाइट्री फाइबर में उपस्थित कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं तो धमनियों से गंदे कोलेस्ट्रॉल को फ्लश आउट कर देते हैं। शोध में पाया गया कि जब अलसी के बीज से फाइबर निकाल लिया गया और इसे रोटी में मिला दिया तो कुछ ही दिनों के अंदर डायबेटिक रोगी में बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल की मात्रा कम हो गई और टोटल कोलेस्ट्रॉल भी घट गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि अलसी के बीज में जितने डाइट्री फाइबर होते हैं उनमें एक तिहाई पानी में घुलनशील होते हैं। यह पॉलीसेकराइड्स ग्रुप के होते हैं। इसके अतिरिक्त अलसी के बीज में कुछ पेक्टिन भी होता है। ये सब मिलकर एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को पिघला देते हैं जो धीरे-धीरे धमनियों से निकलने लगता है। इतना ही नहीं इससे ट्राईग्लिसराइड्स भी कम हो जाता है।
कितना सेवन करना चाहिए
अमेरिकन सोसाइटी ऑफ न्यूट्रिशन की एक स्टडी में बोला गया था कि प्रतिदिन एक चम्मच रोस्टेड अलसी के बीज को कुछ बादाम के साथ खाने पर बैड कोलेस्ट्रॉल तो कम हो ही जाएगा जबकि गुड कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ेगा। शरीर में यदि गुड कोलेस्ट्रॉल अधिक हो तो यह बैड कोलेस्ट्रॉल को धमनियों से धकेल देता है। इसलिए बैड कोलेस्ट्रॉल तभी बढ़ता है जब गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम हो जाती है। गुड कोलेस्ट्रॉल एक तरह से बैड कोलेस्ट्रॉल की सफाई करता रहता है। अलसी के बीज इसलिए भी कई रोंगों को समाप्त करने में जरूरी है क्योंकि इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है। ओमेगा 3 फैटी एसिड दिल की स्वास्थ्य को मजबूत कर देता है।