हेपेटोलॉजिस्ट सिरिएक एब्बी फिलिप्स ने कुछ होम्योपैथिक दवाओं पर चिंता जताई है, जिसमें व्हिस्की की समान मात्रा में अल्कोहल होता है.
ट्वीट्स की एक श्रृंखला में, डॉ फिलिप्स ने पोस्ट किया, एसबीएल द्वारा बनाए गए बच्चों और वयस्कों के लिए होम्योपैथ अक्सर इस खांसी की दवाई की राय देते हैं.
एक शिवास रीगल 12 वर्ष पुरानी ब्लेंडेड व्हिस्की, जिसमें 40 फीसदी अल्कोहल है, की मूल्य 1000 मिलीलीटर के लिए 3300 रुपये है, यानी 100 मिलीलीटर के लिए 330 रुपये. यह सिर्फ अधिकृत लाइसेंस वाली दुकानों, हवाई अड्डों और गवर्नमेंट द्वारा संचालित आउटलेट्स में मौजूद है.
फिलिप्स ने आगे कहा, सैटिवोल नाम की होम्योपैथी मेडिसिन में 40 प्रतिशत एल्कोहल होता है, जिसे होम्योपैथ द्वारा थकावट और थकान के उपचार में में दी जाती है. छूट के बाद यह 100 मिलीलीटर के लिए 65 रुपये होते है और औनलाइन फार्मेसियों के माध्यम से आपके घर पर सरलता से ऑर्डर हो जाती है! यह शराब समान गुणवत्ता वाली, सस्ती और सीधे आपके घर आती है.
उन्होंने अपने पोस्ट में चेतावनी दी, कोई भी बच्चा या विद्यार्थी ऐसा कर सकता है. हमारे युवाओं के स्वास्थ्य पर इसका असर पड़ता है. दवाओं के रूप में इन शराब पर कब प्रतिबंध लगाया जाएगा, यह कदम कौन उठाएगा? यह वास्तव में चिंताजनक है.
फिलिप्स ने दावा किया कि होम्योपैथी वास्तविक शराब लॉबी के विरूद्ध केवल प्रतिद्वंद्वी व्यवसाय है और यह एक तरह का बारटेंडर हैं.
उन्होंने कहा, इतना ही नहीं! तीसरी तस्वीर देखें. हमने होम्योपैथी टिंचर के रूप में विपणन किए गए 70-80 फीसदी अल्कोहल के लगभग 1000 मिलीलीटर का ऑर्डर दिया जो हॉस्पिटल के अंदर वितरित किया गया था. यह शुद्ध शराब है और कुछ नहीं. सस्ता और कहीं भी, किसी के द्वारा थोक में ऑर्डर किया जा सकता है. होम्योपैथी केवल शराब है. यह पागलपन है.
फिलिप्स ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, हमने होम्योपैथी फॉमूर्लेशन का विश्लेषण किया है और पाया है कि उनमें शुद्ध रूप से सिर्फ अल्कोहल होता है. मदर टिंचर्स में हर्बल घटक और कभी-कभी कीड़े, तिलचट्टे आदि भी होते हैं.