लाइव हिंदी समाचार (हेल्थ कार्नर ) :- दूध न सिर्फ कैल्शियम का भंडार है, बल्कि इसमें लैक्टिक एसिड भी होता है, जो त्वचा को मुलायम बनाता है. इसे पीने से शरीर में सेरोटोनिन हार्मोन का स्राव होता है, जिससे दिमाग शांत रहता है.
किस उम्र में कितना दूध जरूरी?
आम तौर पर चिकित्सक राय देते हैं कि यदि मां से बच्चे की आवश्यकता पूरी हो जाती है, तो वर्ष भर तक बच्चों को मां का ही दूध पिलाना चाहिए. सालभर बाद ही बच्चे को ऊपर का दूध देना चाहिए क्योंकि तब तक बच्चे की आवश्यकता बढ़ जाती है. इस दौरान बच्चों को गाय का दूध पिलाने की राय दी जाती है.
सालभर से बड़े बच्चों को ऊपर का दूध देना चाहिए. दिमाग के विकास के लिए इस उम्र के बच्चों को फैट से भरपूर डाइट की आवश्यकता होती है. अमरीकन एकेडमी ऑफ पीडिएट्रिक्स इस उम्र में हर रोज तीन से चार कप दूध पीने की राय देती है. साथ ही ऐसे बच्चों को फुलक्रीम दूध देना चाहिए.
2 से 8 साल
दो वर्ष का बच्चा दूध के साथ खाना भी खाने लगता है. ऐसे में अमरीकी डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर के अनुसार 2-3 वर्ष के बच्चों को चार कप और 4-8 वर्ष के बच्चों को कम से कम पांच कप दूध प्रतिदिन दें.
नौ वर्ष से बड़े बच्चे
नौ वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को 3 कप दूध प्रतिदिन देना चाहिए, लेकिन ऐसे बच्चे जिन्हें हाई कैलोरी की आवश्यकता होती है उन्हें दूध की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए.वयस्क पुरुष एवं महिलाएं प्रतिदिन एक गिलास दूध पीएं.
आयुर्वेद के मुताबिक डिनर के तीन घंटे बाद ही दूध लें, ताकि अमाशय पूरी तरह से खाली हो. यदि आपको दूध नहीं पचता है, तो इसे पीने के बाद एक इलायची खा लें. दूध में चीनी ना डालें क्योंकि मीठा दूध कफ बनाता है. यदि मीठे की आवश्यकता हो, तो शहद, मुनक्का या मिश्री डालें.
ओवरवेट बच्चों को दूध नहीं देना चाहिए?
अतिरिक्तकैलोरी कम करने के नाम पर बच्चों की दूध की मात्रा को कम ना करें बल्कि उन्हें कम फैट वाला दूध दें. ध्यान रहे कि दूध से वजन नहीं बढ़ता बल्कि हड्डियां मजबूत होती हैं और एनर्जी मिलती है. इससे ब्लड प्रेशर, दिल रोगों और तनाव में भी राहत मिलती है.
दूध से कितनी ऊर्जा
फुल क्रीम दूध : 150 कैलोरी
टोंड दूध : 120 कैलोरी
डबल टोंड दूध : 100 कैलोरी
स्किम्ड मिल्क : 80 कैलोरी
दूध को बार-बार उबाले नहीं, ऐसा करने से उसमें उपस्थित विटामिन और पोषक तत्वों में कमी आ जाती है. प्रयास करें कि दूध आवश्यकता के हिसाब से ही खरीदकर लाएं और फ्रिज में ढककर रखें. जितना प्रयोग में लाना हो सिर्फ उतना ही दूध गर्म करें.