सलमान खान एक नयी मुसीबत में फंसते दिख रहे हैं. 2019 में अंधेरी मजिस्ट्रेट न्यायालय ने जर्नलिस्ट के साथ बदसलूकी के आरोप में उन्हें समन भेजा था. सलमान ने इस समन के विरूद्ध उच्च न्यायालय का रुख किया था. अब चार वर्ष बाद 30 मार्च को बांबे उच्च न्यायालय अपना निर्णय सुनाएगी.
दरअसल एक जर्नलिस्ट ने 2019 में सलमान खान और उनके बॉडीगार्ड्स पर हाथापाई का आरोप लगाया था. जर्नलिस्ट का आरोप था कि सलमान और उनके बॉडीगार्ड्स ने उनका मोबाइल टेलीफोन छीन लिया था. ये तब हुआ जब सलमान साइक्लिंग करने के लिए सड़क पर निकले थे.
साइक्लिंग के समय जर्नलिस्ट ने शूट किया था वीडियो
मामला चार वर्ष पुराना है. सलमान अक्सर साइक्लिंग करने के लिए मुंबई की सड़कों पर निकलते हैं. उनके पीछे-पीछे पर्सनल बॉडीगार्ड्स भी दौड़ते हैं. 24 अप्रैल, 2019 को जब वो साइक्लिंग कर रहे थे तभी जर्नलिस्ट अशोक पांडे ने उनका वीडियो शूट करने की प्रयास की.
अशोक पांडे का बोलना था कि उन्होंने इसके लिए सलमान की सिक्योरिटी से परमिशन भी ली थी. हालांकि जब उन्होंने वीडियो शूट करने की प्रयास की तो उनके साथ बदसलूकी की गई.
जर्नलिस्ट का आरोप- टेलीफोन छीना और हाथापाई की
जर्नलिस्ट अशोक पांडे के मुताबिक, सलमान और उनके बॉडीगार्ड्स ने उनका टेलीफोन छीन लिया और हाथापाई करने लगे. अशोक ने बोला कि सलमान ने भी उनके साथ हाथापाई की थी.
अशोक पांडे अपनी कम्पलेन लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचे थे. वहां पुलिस ने उनकी कम्पलेन लेने से ये कहते हुए इन्कार कर दिया कि ये कोई अपराध नहीं है. तब अशोक ने न्यायालय का रुख किया. उन्होंने अंधेरी मजिस्ट्रेट के सामने अपनी परेशानी रखी. बाद में सलमान पर आईपीसी की धारा 504 और 506 के अनुसार मुकदमा दर्ज किया गया.