लव जिहाद और धर्मांतरण पर आधारित फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ विवादों में घिरी हुई है. कुछ लोग इस फिल्म को प्रोपागैंडा बता रहे हैं. वहीं कुछ सुदीप्तो सेन के निर्देशन में बनी इस फिल्म का सपोर्ट कर रहे हैं. सोमवार के दिन पहले शबाना आजमी ने ‘द केरल स्टोरी’ से जुड़े टकराव पर अपनी राय दी. वहीं अब भोजपुरी स्टार और बीजेपी के नेता मनोज तिवारी का रिएक्शन सामने आया है. पढ़िए क्या कहे मनोज तिवारी.
मनोज तिवारी ने अभी तक नहीं देखी फिल्म
‘द केरल स्टोरी’ से जुड़े टकराव पर भोजपुरी अदाकार मनोज तिवारी ने एबीपी से वार्ता की. यूं तो अदाकार ने अभी तक ‘द केरल स्टोरी’ नहीं देखी है. लेकिन, उन्होंने इशारों-इशारों में इस फिल्म का सपोर्ट जरूर किया. अदाकार ने कहा, “मैंने अभी तक ‘द केरल स्टोरी’ नहीं देखी है. यही कारण है कि मैं इस विषय पर कुछ बोलना नहीं चाहता हूं. लेकिन ‘हां’ मैं इतना जरूर कहूंगा कि अभिव्यक्ति की आजादी मिलने में भेदभाव नहीं होना चाहिए. ‘द केरल स्टोरी’ के मेकर्स ने अपनी अभिव्यक्ति की आजादी का उपयोग किया और मुझे लगता है कि हमें उसका सम्मान करना चाहिए.”
क्यों बोले- संविधान में सजा का प्रावधान है
इतना ही नहीं, मनोज तिवारी ने आगे कहा, “यदि कोई फिल्म मेकर बिना किसी आधार के बात कहते हैं तो हमारे संविधान में उनको सजा देने का भी प्रावधान है. यदि आपको लगता है कि फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ में जो कहानियां बताई गई हैं वो गलत हैं तो आप न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं.” बता दें कि जब से ‘द केरल स्टोरी’ का ट्रेलर रिलीज हुआ है तब से टकराव गहराया हुआ है. लेकिन, टकराव के बाद भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन कर रही है.