मीडिया के प्रश्नों का उत्तर देते हुए अक्षय कुमार ने बोला कि फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई नहीं कर रही है. यह हमारी गलती है. यह मेरी गलती है. मुझे परिवर्तन करना होगा. इसके साथ अक्षय ने यह भी बोला कि मुझे यह समझना होगा कि आप दर्शक क्या देखना चाहते हैं? इसके लिए मैं अपने अंदर परिवर्तन भी करना चाहता हूं.
हाल में रिलीज हुई हिंदी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं किया है. इस वर्ष बॉक्स ऑफिस पर अच्छी चलने वाली फिल्मों में द कश्मीर फाइल्स और भूल भुलैया 2 ही है. इसके अतिरिक्त एक से एक बड़े सुपरस्टार की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो चुकी हैं. बॉक्स ऑफिस पर लगातार स्टारडम दिखाने वाले अक्षय कुमार की भी 3 फिल्में इस वर्ष फ्लॉप हो चुकी हैं. बच्चन पांडे, सम्राट पृथ्वीराज और रक्षाबंधन ने कुछ खास कमाल नहीं किया है. इतना ही नहीं, आमिर खान की हाल में ही रिलीज हुई लाल सिंह चड्ढा भी ब्लॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई है. इसके वहीं, रणबीर कपूर की फिल्मों ने भी अच्छा कारोबार नहीं किया है. आज अक्षय कुमार अपनी आने वाली फिल्म कठपुतली को लेकर मीडिया के समक्ष आए थे. कठपुतली का आज ट्रेलर रिलीज किया गया है. इसी दौरान मीडिया ने बॉक्स ऑफिस पर फिल्मों के विरूद्ध प्रदर्शन को लेकर उनसे प्रश्न कर लिया.
मीडिया के प्रश्नों का उत्तर देते हुए अक्षय कुमार ने बोला कि फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई नहीं कर रही है. यह हमारी गलती है. यह मेरी गलती है. मुझे परिवर्तन करना होगा. इसके साथ अक्षय ने यह भी बोला कि मुझे यह समझना होगा कि आप दर्शक क्या देखना चाहते हैं? इसके लिए मैं अपने अंदर परिवर्तन भी करना चाहता हूं. मुझे इस बात पर ध्यान देना होगा कि आने वाले दिनों में मुझे किस तरह की फिल्में करनी चाहिए. फिल्में फ्लॉप होने का कारण मैं हूं, मेरे अतिरिक्त किसी और का गुनाह नहीं है. इसके साथ ही अदाकार ने यह भी बोला कि लोगों का मूड किसी भी फिल्म का भविष्य बना सbकता है और उसका भविष्य बिगाड़ भी सकता है. यह सब दर्शकों पर निर्भर करता है. कभी-कभी बेकार फिल्में भी अच्छी कमाई कर लेती हैं और अच्छी फिल्में भी फ्लॉप हो जाती है.
अभिनेता अक्षय कुमार ने बोला कि हिंदुस्तान जैसे आजाद राष्ट्र में फिल्मों का बहिष्कार करने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि एक उद्योग के तौर पर सिनेमा भी देश निर्माण में सहयोग देता है. अक्षय ने बोला था कि ‘‘अगर आपका फिल्म देखने का मन नहीं है, तो न देखें. यह एक स्वतंत्र राष्ट्र है और फिल्म भी इसका हिस्सा है, इसलिए यदि कोई इसे देखना चाहता है या नहीं, तो यह उनके ऊपर है. अक्षय ने बोला कि मैं आपको बताना चाहता हूं कि चाहे वह कोई भी उद्योग हो, चाहे वह कपड़ा उद्योग हो, फिल्म उद्योग हो या कुछ और, इन सभी से अर्थव्यवस्था को सहायता मिलती है. लेकिन फिल्मों का बहिष्कार करने जैसी चीजें करने का कोई मतलब नहीं है.’’ ‘रक्षा बंधन’ के प्रचार के लिए कोलकाता आए अदाकार ने लोगों से इस तरह के चलन का हिस्सा नहीं बनने की भी अपील की. उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने राष्ट्र को सबसे बड़ा और महान बनाने के मोड़ पर हैं. इसलिए मैं बस आपसे निवेदन करूंगा कि इस तरह की बातों में नहीं आएं और मैं आपसे (रिपोर्टर से) भी निवेदन करूंगा कि आप इन सब में नहीं पड़ें. यह बेहतर होगा. सिर्फ हमारे राष्ट्र के लिए.’’