जॉन अब्राहम की पिछली फिल्म पिछले वर्ष आई ‘वेदा’ थी. जॉन को फिल्म से काफी उम्मीदें थीं लेकिन अभिनेता के दमदार एक्टिंग के बावजूद यह फैंस को अच्छी नहीं लगी. ऐसे में फिल्म ने जल्द ही सिनेमाघरों में दम तोड़ दिया और बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई. अब जॉन एक बार फिर बड़े पर्दे पर दमदार अवतार में नजर आने के लिए तैयार हैं. उनकी फिल्म ‘द डिप्लोमैट’ होली के मौके पर 14 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है. इससे पहले फिल्म पर सेंसर बोर्ड की कैंची चल गई है. वैसे तो CBFC से फिल्म का सर्टिफिकेशन क्लियर हो गया है लेकिन मेकर्स को ‘द डिप्लोमैट’ में कुछ अहम परिवर्तन करने होंगे.
मिड डे’ की रिपोर्ट के अनुसार ‘द डिप्लोमैट’ को सेंसर बोर्ड ने स्वीकृति दे दी है. इसके साथ ही बोर्ड ने फिल्म में एक खास डिस्कलेमर ऐड करने का आदेश दिया है. इस डिस्कलेमर में पड़ोसी राष्ट्रों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने का सपोर्ट करने वाला एक नोट मेंशन होगा. इसके अतिरिक्त फिल्म के एक सीन की अवधि घटाकर इसे भी छोटा किया गया है. एक सूत्र ने कहा कि CBFC ने ‘द डिप्लोमैट’ में कई वास्तविक नामों का इस्तेमाल करने की इजाजत दी है, जिसमें सादिया खतीब के भूमिका का नाम अहमद के नाम पर रखा गया है.
सूत्र ने बोला कि मेकर्स ने महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट पेश करने के बाद सुषमा स्वराज (पूर्व विदेश मंत्री), जेपी सिंह और प्रशांत जाधव के नामों का इस्तेमाल कुछ हिस्सों में किया है. एक लड़के द्वारा स्त्री की मर्डर करने वाले सीन को छोटा करने के साथ एक गलत शब्द को म्यूट कर दिया गया है. ये देखते हुए कि फिल्म इंटरनेशनल डिप्लोमैसी पर बेस्ड है, एक सीन और एक ऑडियो डिस्कलेमर जोड़ा गया ताकि इस बात पर बल दिया जा सके कि मेन सब्जेक्ट भले ही एक सच्ची घटना से इंस्पायर्ड हो, लेकिन भू-राजनीतिक तनावों का इसका चित्रण ड्रामैटिक है और ये हिंदुस्तान गवर्नमेंट के रुख को नहीं दर्शाता है. फिल्म पाक में सेट है. इस पहलू को उजागर करना अहम था क्योंकि दोनों राष्ट्रों का रिश्ता एक नाजुक मुद्दा है.