आसाराम मुकदमा लड़ने वाले दमदार वकील पीसी सोलंकी पर बनी फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ की रिलीज पर रोक लगाने से उच्च न्यायालय ने इनकार कर दिया है. इस फिल्म पर रोक लगाने के लिए आसाराम की तरफ से उच्च न्यायालय में याचिका पंजीकृत की गई थी. इस याचिका पर सुनवाई पर 23 मई को ही पूरी हो गई थी. अब तक न्यायालय ने निर्णय सुरक्षित रखा हुआ था.
बता दें नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मुद्दे में आरोपी आसाराम को आखिरी सांस तक कारागार की सलाखों के पीछे रहने की सजा सुनाई गई है. आसाराम के विरूद्ध मुकदमा लड़ने वाले दमदार वकील पीसी सोलंकी पर बनी फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा ही काफी है’ में अभिनेता मनोज बाजपेयी ने वकील पीसी सोलंकी का भूमिका निभाया है. फिल्म 23 मई को रिलीज हो चुकी है.
‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ फिल्म पीसी सोलंकी पर बनी है. पीसी ने आसाराम यौन उत्पीड़न मुद्दे में नाबालिग पीड़िता के पक्ष में मुकदमा लड़ा था. इस फिल्म में वकील का रोल अदाकार मनोज बाजपेयी ने निभाया है. फिल्म की रिलीज को लेकर आसाराम की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका पंजीकृत कर रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने इस याचिका पर 23 मई को सुनवाई कर फिल्म की रोक पर निर्णय को सुरक्षित रखा था.
फिल्म रिलीज पर रोक की मांग
राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर बेंच में फिल्म की रिलीज को लेकर वकील एसपी शर्मा और विपुल सिंघवी ने याचिका पंजीकृत की थी. जिस पर 9 मई को पुष्पेंद्र सिंह भाटी के कोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने फिल्म के अभिनेता डायरेक्टर और प्रोड्यूसर को नोटिस जारी किया था. इस मुद्दे की अगली सुनवाई 23 मई को रखी गई थी. इस दौरान मांग की गई कि फिल्म को रिलीज न किया जाए, क्योंकि आसाराम से किसी भी तरह की परमिशन नहीं ली गई. आसाराम बापू के मुद्दे में अपील उच्च न्यायालय में पेंडिंग है. इन सभी पक्षों को कोर्ट के समक्ष रखा गया.