महत्वपूर्ण खनिजों और हरित ऊर्जा की दिशा में तेजी से कदम उठाने को लेकर बजट में किये गये तरीकों से राष्ट्र न सिर्फ़ संसाधनों में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्यों को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी. ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों ने यह कहा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को अपने बजट भाषण में बुनियादी ढांचा, विनिर्माण, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, स्टार्टअप और हरित ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों के लिए कई तरीकों की घोषणा की. सार्वजनिक क्षेत्र की मेजा ऊर्जा निगम के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) अमित रौतेला ने बोला कि बजट में संयुक्त उद्यम के जरिये अत्याधुनिक प्रौद्योगिक वाले (एयूएससी) बिजलीघरों पर बल के साथ तापीय बिजली की वर्तमान जरूरत को पूरा करने पर कदम उठाया गया है.एंजल टैक्स को समाप्त करना बहुत बढ़िया कदम
इसके अलावा, जरूरी खनिजों के लिए शुल्क संबंधी तरीका राष्ट्र को इन जरूरी संसाधनों में आत्मनिर्भर बनाएगा. इण्डिया एनर्जी स्टोरेज अलायंस (आईईएसए) के अध्यक्ष राहुल वालावलकर के अनुसार, बजट में पंप हाइड्रो भंडारण की घोषणा लंबी अवधि की ऊर्जा भंडारण प्रौद्योगिकियों का समर्थन करने के लिए जरूरी कदम है. एंजल कर को समाप्त करना एक बहुत बढ़िया और बहुप्रतीक्षित कदम है. यह निवेशकों के भरोसे और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) एवं स्वच्छ तकनीक स्टार्टअप परिवेश को बढ़ावा देगा.
सोर एनर्जी के लिए अच्छी घोषणाएं
सोलेक्स एनर्जी के चेयरमैन एवं व्यवस्था निदेशक (सीएमडी) चेतन शाह ने बोला कि सौर पीवी विनिर्माण के लिए 5,000 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का विस्तार, आयात पर निर्भरता को काफी कम करेगा और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देगा. उन्होंने बोला कि इसके अलावा, सौर पार्कों और ग्रिड एकीकरण सहित सौर बुनियादी ढांचा विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये का कोष नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक जरूरी कदम है.
1 करोड़ घरों पर लेंगेगे सौर पैनल
सनकाइंड एनर्जी के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हनीश गुप्ता ने बोला कि यह बजट हिंदुस्तान के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक जरूरी परिवर्तन है. पीएम सूर्यघर निःशुल्क बिजली योजना के जरिए एक करोड़ घरों को छत पर सौर पैनल से लैस करके, गवर्नमेंट जीवाश्म ईंधन पर राष्ट्र की निर्भरता को कम करने और ऊर्जा के भविष्य को नया आकार देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है. वारी एनर्जीज के सीईओ अमित पैथांकर ने बोला कि सौर विनिर्माण के लिए छूट वाली पूंजीगत वस्तुओं की सूची का विस्तार राष्ट्र की घरेलू उत्पादन क्षमताओं को मजबूत करने की क्षमता को और बढ़ा सकता है, आयात पर निर्भरता कम कर सकता है और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे सकता है. इंटेलीस्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर के व्यवस्था निदेशक और सीईओ अनिल रावल ने कहा, “यह बजट विकास और जलवायु कार्रवाई के प्रति हमारी प्रतिबद्धता के अनुरूप है. इसमें 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा गया है.”