कानपुर (इंटरनेट डेस्क). Top 10 Tax Saving Tips: जॉब से इंकम करने वाले सभी लोगों के लिए टैक्स सेव करना हमेशा से चैलेंज रहा है. इसकी वजह है कि बहुत कम सैलरीड पर्सन टैक्स बचाने के लिए किसी टैक्स एक्सपर्ट की पेड राय ले पाते हैं. ज्यादातर लोग औनलाइन वीडियो देखकर या दोस्तों से राय लेकर अपना टैक्स सेव करते हैं और ऐसे ही अपना आईटीआर फाइल करते हैं. ऐसे में उनकी टैक्स प्लानिंग बेहतर हो नहीं हो पाती. यदि आप टैक्स सेविंग की पहले से प्लानिंग कर लें तो टैक्स के अधिक पैसे बचा सकते हैं. इनकम टैक्स रूलिंग के अनुसार अनेक तरह की सेविंग्स और इस्वेंटमेंट पॉलिसीज करके आप अपना टैक्स काफी हद तक बचा सकते हैं. तो जानतें हैं ये टैक्स सेविंग टिप्स जिसके द्वारा आप अपना टैक्स बचा पाएंगे.
PPF
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) टैक्स सेविंग का एक बेस्ट ऑप्शन है. इसमें पूरे वर्ष मंथली बचत की तरह या एक मुश्त निवेश करके खासा टैक्स बचा सकते हैं. पीपीएफ से मिलने वाली मैच्योरिटी की धनराशि और ब्याज भी टैक्स फ्री रहता है, यह इसकी सबसे कमाल की विशेषता है. पीपीएफ एकाउंट में सालाना 1 लाख 50 हजार रुपये तक के निवेश पर धारा 80C के अनुसार पूरा टैक्स डिडक्शन मिलता है. यानी, मैक्सिमम इतना पैसा जमा करके आप टैक्स लायबिलिटी को कम कर सकते हैं. लंबी अवधि में सुरक्षित निवेश और टैक्स फ्री बड़ा फंड बनाने के लिए पीपीएफ एक बेहतरीन तरीका है.
ELSS
म्यूचुअल फंड में निवेश के जरिए आप शेयर बाजार से खासा रिटर्न तो ले ही सकते हैं साथ ही इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम वाले फंड में इंवेस्ट कर आप उससे टैक्स भी बचा सकते हैं. म्यूचुअल फंड की इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) में डेढ लाख तक के निवेश पर आपको 80C के आधार पर टैक्स डिडक्शन का लाभ मिलता है. ELSS पर बेहतर रिटर्न के साथ टैक्स सेविंग भी होती है. डबल बेनिफिट के कारण नौकरीपेशा लोगों के बीच यह एक पॉपुलर टैक्स सेविंग इंस्ट्रूमेंट माना जाता है, हालांकि ELSS में आपका निवेश 3 वर्ष के लिए लॉक हो जाता है.
FD
बैंकों की टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट (FDs) किसी भी नौकरीपेशा के लिए सेफ इन्वेस्टमेंट, गारंटीड रिटर्न के साथ-साथ टैक्स डिडक्शन का एक बेस्ट ऑप्शन है. बैंकों की एफडी में एक वर्ष में 1.5 लाख रु तक की एफडी पर टैक्स बचा सकते हैं. टैक्स सेवर एफडी में मिनिमम 1 वर्ष से लेकर 5 वर्ष तक का लॉक-इन पीरियड होता है. ध्यान रहे कि टैक्स सेविंग एफडी की मैच्योरिटी पर मिलने वाला रिटर्न टैक्सेबल होता है.
NPS
नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80CCE के अनुसार कुल सालाना सैलरी का 10 पवसेंट तक या 1.5 लाख की लिमिट तक टैक्स डिडक्शन का लाभ लिया जा सकता है. यही नहीं एनपीएस में सेक्शन 80 CCD (1B) के अनुसार 50,000 रुपये की अतिरिक्त टैक्स छूट ले सकते हैं. NPS सैलरीड लोगों के लिए लॉन्ग टर्म में टैक्स सेविंग करने के साथ-साथ बड़ा रिटायरमेंट फंड बनाने में भी काफी हेल्पफुल रहता है.
EPFO
कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) सैलरी पाने वाले लोगों के लिए टैक्स बचाने का एक सबसे आसान ऑप्शन है. इसमें आईटी एक्ट 80C के अनुसार 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है. EPF का मैनेजमेंट सेंट्रल ट्रस्टी बोर्ड (CBT) करता है. ईपीएफ में एक बात का ध्यान रखें कि पीएफ एकाउंट में मिलने वाला सालाना 2.5 लाख रु तक ब्याज भी टैक्स फ्री रहता है. यह
Sukanya Samriddhi Account
बेटियों की पढ़ाई के लिए गवर्नमेंट द्वारा सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) प्रारम्भ की गई थी. इस स्कीम में सालाना डेढ़ लाख तक के निवेश पर टैक्स बेनिफिट का फायदा मिलता है. साथ ही इस स्कीम में जमा धनराशि पर मिलने वाला ब्याज भी पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है.
Tuition Fees
बच्चों की पढ़ाई के लिए आप जो भी ट्यूशन फीस स्कूल को देते हैं, वो भी टैक्स सेविंग में हेल्पफुल है. कोई भी पेरेंट एक वर्ष में अपने बच्चों के लिए पे की गई डेढ़ लाख तक की ट्यूशन फीस से अपनी टैक्स लायबिलिटी को कम कर सकते हैं.
Senior Citizen Savings Scheme
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम कई वर्ष के लॉकिंग पीरियड के साथ ली जा सकती है. इसमें सालाना डेढ़ लाख तक का निवेश और जमा धनराशि पर मिले सालाना 50 हजार तक का ब्याज टैक्स फ्री होता है. यदि सालाना ब्याज 50 हजार से अधिक है तो उस पर 10 प्रतिशत का टैक्स पे करना होता है.
Life Insurance Policy
लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी जो कि आज के वक्त में किसी भी अर्निंग मेंबर के लिए महत्वपूर्ण हो गई है, उसमें किए निवेश पर भी आप सालाना 1.5 लाख रुपये तक टैक्स सेविंग कर सकते हैं.
National Saving Certificate
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट में 5 वर्ष के लिए पैसा जमा किया जा सकता है. इसमें किए निवेश पर आप सालाना 1.5 लाख रुपये तक टैक्स सेविंग कर सकते हैं.