RBI On Unclaimed Deposite: भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) राष्ट्र के अनेक बैंकों पड़े अनक्लेम्ड पैसों (Unclaimed Money) की रीडिंग तैयार कर रहा है। इसके लिए रिजर्व बैंक ने अपना ‘महाप्लान’ तैयार किया है जिसके अनुसार हर जिले के हर बैंक में अनक्लेम्ड डिपॉजिट (Unclaimed Deposits) का पता लगाया जाएगा और 100 दिनों के भीतर उनका निपटारा किया जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस योजना को ‘100 दिन 100 पे’ (100 Days – 100 Pays) नाम दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जानकारी दी है कि इन जमा राशियों के ठीक मालिक का पता लगाकर लावारिस पैसों को उनके हवाले कर दिया जाएगा। इससे बैंकों में जमा अनक्लेम्ड राशि का निपटारा हो सकेगा। ऐसे बैंकों में पड़े अनक्लेमड डिपॉजिट राशि में भी कमी आएगी।
किसे कहते हैं अनक्लेमड खाता
आपको बता दें कि ऐसे खाते जिनमें कम से कम 10 वर्ष तक किसी तरह का लेंन-देंन नहीं किया गया हो। इस तरह के खातों को अनक्लेम्ड खाता (unclaimed account) कहते हैं और उनमें पड़ी राशि को अनक्लेड राशि कहते हैं। इस तरह के खाते में पैसे होते हैं तो उन्हें बैंक इनएक्टिव डिपॉजिट (Inactive Deposit) मानता है। आपको जानकर आश्चर्य होगी कि सरकारी सेक्टर के बैंकों (Public Sector Banks) ने आरबीआई को लगभग 35000 करोड़ की अनक्लेम्ड राशि सौंपी है। PSUs ने इसी वर्ष के फरवरी महीने में यह बड़ा लेंन-देंन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को किया था।
अब इन पैसों का क्या होगा
इस तरह की अनक्लेम्ड डिपॉजिट राशि पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा एक बड़ा अवेयरनेस कैंप (Awareness Camp) चलाया जाता है जिसके अनुसार उनके कानूनी हकदारों को यह पैसे दिए जाते हैं। अवेयरनेस कैंप से पहले इन पैसों को अनक्लेम्ड डिपॉजिट डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड (Unclaimed Deposit Depositor Education and Awareness Fund-DEAF) में जमा किया जाता है। अब वित्त मंत्री के गाइड लाइन पर तेजी से इनका निपटारा करने की दिशा में काम किया जा रहा है।