बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों में शामिल Toyota की नयी Prius हाइब्रिड अधिक पावर, एक्सेलरेशन और ड्राइविंग रेंज के साथ आएगी. इसका डिजाइन भी पहले से सुन्दर बनाया गया है. इस कार की बिक्री जल्द ही जापान और उसके बाद अमेरिका में प्रारम्भ की जाएगी. इसका प्लग-इन वर्जन अगले साल लॉन्च होगा.
टोयोटा की डिजाइन यूनिट के सीनियर जनरल मैनेजर Simon Humphries ने बताया कि ऑटोमोबाइल कंपनियों के तेजी से इलेक्ट्रिक कारें लॉन्च करने के बावजूद टोयोटा के हाइब्रिड पर बरकरार रहने का एक बड़ा कारण है. उनका बोलना था, “Prius एक पर्यावरण के अनुकूल कार है जो बहुत से लोगों की पहुंच में है. कार्बन न्यूट्रिलिटी हासिल करने के लिए दुनिया में सभी लोगों को सहयोग देना चाहिए. इसकी आरंभ जल्द की जानी चाहिए.” हालांकि, टोयोटा ने इस कार के प्राइस की जानकारी नहीं दी है. कंपनी ने इसमें निकेल मेटल हाइब्रिड बैटरी की स्थान स्मॉल और मामूली लिथियम आयन बैटरी का उपयोग किया है, जो 15 फीसदी अधिक एनर्जी देती है.
इसका इंजन भी 1.8 लीटर से बढ़ाकर 2 लीटर किया गया है. इसकी हॉर्सपावर 121 के बजाय 190 से अधिक होगी. इसके नतीजे में यह 0-60 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड सिर्फ सात सेकेंड में पकड़ सकती है. Toyota को सेमीकंडक्टर की कमी के कारण पिछले महीने प्रोडक्शन में कटौती करनी पड़ी थी. कंपनी ने बताया था कि वह लगभग 8 लाख व्हीकल्स बनाएगी, जो उसके औसत मासिक प्रोडक्शन से लगभग एक लाख यूनिट कम है. सेल्स के लिहाज से दुनिया की इस सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी को प्रोडक्शन घटाने से बड़ा हानि हो सकता है.
कुछ महीने पहले भी टोयोटा के प्रोडक्शन पर जरूरी कंपोनेंट की कमी और सप्लाई चेन में रुकावटों से असर पड़ा था. हालांकि, इसके बावजूद कंपनी ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए व्हीकल प्रोडक्शन के अपने टारगेट में परिवर्तन नहीं किया है और इसे रिकॉर्ड 97 लाख यूनिट्स पर बरकरार रखा है. जापान की इस कंपनी ने पिछले महीने बोला था कि उसका सितंबर से नवंबर के बीच प्रति महीना औसत नौ लाख व्हीकल्स बनाने का टारगेट है. हालांकि, टोयोटा ने बताया है कि इस टारगेट को घटाकर दिसंबर तक लगभग 8.5 लाख व्हीकल्स प्रति माह किया गया है. सेमीकंडक्टर का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए यूरोपियन यूनियन (EU) ने इस साल की आरंभ में 48 अरब $ की योजना बनाई थी. इसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर्सकी सप्लाई के लिए एशियन मार्केट्स पर निर्भरता को घटाना है.