भारत में लोगों के बीच सनरूफ वाली कारों का क्रेज बढ़ रहा है। पहले सनरूफ सिर्फ़ लग्जरी कारों में ही मिलते थे, लेकिन अब बजट कारों में भी सनरूफ मिलने लगा है। यही नहीं, पहले लोग जहां सनरूफ वाली कारों को खरीदने में अधिक खर्च करने से बचते थे, वहीं अब लोग इसके लिए अधिक मूल्य चुकाने तैयार हैं। टाइम्स ऑफ इण्डिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों सनरूफ वाली कारों की डिमांड में 5 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
26 फीसदी बढ़ी मांग
हालांकि, यहां कार में सनरूफ को एक लग्जरी फीचर बनाकर पेश किया जाता है, जो ग्राहकों को आकर्षित करता है और इसके लिए ग्राहक अधिक पैसे देने के लिए भी तैयार हो जाते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सनरूफ के अतिरिक्त ग्राहक टचस्क्रीन और कीलेस इग्निशन जैसे फीचर्स को भी पसंद कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जहां 2019 में सनरूफ वाली कारों की बिक्री 3-5 फीसदी थी, वहीं जून 2023 तक यह बढ़कर 26 फीसदी हो गई है।
अब बाजार में बिकने वाली 85% एसयूवी मॉडल्स सनरूफ के साथ आ रही हैं। वहीं, अब कंपनियों ने 10 लाख रुपये से कम बजट वाली हैचबैक कारों जैसे हुंडई आई20 और टाटा अल्ट्रोज में भी सनरूफ देना प्रारम्भ कर दिया है। सनरूफ के वजह से मूल्य में 50,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
ये कंपनी बना रही सनरूफ
जर्मनी की ऑटोमोबाइल कंपोनेंट निर्माता वेबस्टो हिंदुस्तान में सनरूफ बनाने वाली प्रमुख निर्माता है। कंपनी ने बढ़ते डिमांड को पूरा करने के लिए हाल ही में चेन्नई में अपना दूसरा प्लांट खोला है। कंपनी ने इस प्लांट में 1,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है और अब 9.5 लाख सनरूफ बना सकती है।