Budget 2023 Date: 1 फरवरी को राष्ट्र का बजट (Budget) पेश किया जाएगा। इस बार के बजट को लेकर सभी को काफी उम्मीदें हैं। आयकर में छूट से लेकर के रोजगार तक सभी सेक्टर इस बार के बजट में राहत की आशा कर रहे हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि आनें वाले केंद्रीय बजट रोजगार सृजन पर केंद्रित होगा। एक्सिस सिक्योरिटीज के एमडी और सीईओ बी गोपकुमार ने बोला है कि यह 2024 के केंद्रीय चुनाव से पहले पूरे वर्ष का अंतिम बजट है तो इसके खास होने की काफी उम्मीदें है।Budget 2023 Date: 1 फरवरी को राष्ट्र का बजट (Budget) पेश किया जाएगा। इस बार के बजट को लेकर सभी को काफी उम्मीदें हैं। आयकर में छूट से लेकर के रोजगार तक सभी सेक्टर इस बार के बजट में राहत की आशा कर रहे हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि आनें वाले केंद्रीय बजट रोजगार सृजन पर केंद्रित होगा। एक्सिस सिक्योरिटीज के एमडी और सीईओ बी गोपकुमार ने बोला है कि यह 2024 के केंद्रीय चुनाव से पहले पूरे वर्ष का अंतिम बजट है तो इसके खास होने की काफी उम्मीदें है।
कहां हो सकता है बजट का फोकस?
बजट का फोकस रोजगार सृजन और विकास पर होने की आसार है। गोपकुमार ने बोला कि मौजूदा इनकम टैक्स फायदा का विस्तार करने के लिए कुछ घोषणाओं के साथ रियल एस्टेट क्षेत्र को बढ़ावा मिल सकता है। बजट में ग्रामीण खर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए कई घोषणा हो सकते हैं। इसके साथ ही आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा सकता है और रोजगार सृजन के लिए रास्ता तय किया जा सकता है। गोपकुमार ने बोला कि एफएमसीजी, मैन्युफैक्चरिंग, एमएसएमई और बैंकिंग कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें कार्रवाई हो सकती है।
अगले वर्ष होने है चुनाव
इसके साथ ही अध्ययन प्रमुख अनमोल दास ने बोला है कि इतने सारे उद्योग अपने पर्सनल क्षेत्रों के लिए प्रोत्साहन की मांग कर रहे हैं। हम आशा करते हैं कि वित्त मंत्री इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस और एक्सपोर्ट जैसे व्यवसायों पर प्रमुख प्रोत्साहन के साथ बड़ा बजट पेश करेंगी। अगले वर्ष के चुनावों को देखते हुए वित्त मंत्री सीतारमण टैक्स स्लैब और प्रत्यक्ष करों के लिए छूट की सीमा में कुछ राहत दे सकती हैं।
जानें क्या है एक्सपर्ट की राय?
यस सिक्योरिटीज के इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के ग्रुप प्रेसिडेंट और हेड अमर अंबानी ने कहा, भले ही वित्त साल 2023 के लिए व्यय बजटीय संख्या को पार कर जाएगा, लेकिन टैक्स कलेक्शन में उछाल के कारण मैथ कंट्रोल में रहेगा। वित्त साल 2024 बजट विस्तार अर्थव्यवस्था के स्थिर होने के साथ एक मध्यम होने की आसार है। पिछले दो दशकों के बजट के आंकड़ों को देखने से यह साफ होता है कि राजग राजकोषीय मोर्चे पर कम विस्तारवादी रहा है।
GDP जाएगी कोविड-पूर्व लेवल पर
उन्होंने कहा, गवर्नमेंट कैपेक्स पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी और अप्रत्यक्ष करों के हिस्से को बढ़ाने के अपने लक्ष्य पर कायम रहेगी। हम जीडीपी में सब्सिडी बिलों को पूर्व-कोविड स्तर पर वापस जाते हुए देखते हैं।