केंद्र गवर्नमेंट की ओर से समय-समय पर किसानों के लाभ के लिए कदम उठाए जाते रहे हैं। केंद्र गवर्नमेंट की ओर से कई ऐसी योजनाएं भी चलाई जा रही हैं, जिनसे किसानों को लाभ मिलता है। वहीं अब गवर्नमेंट ने फिर से किसानों को ऋण देने के मामले पर ध्यान देने की बात कही है। सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों (एआरडीबी) से बोला कि वे सिंचाई परियोजनाओं और अन्य अवसंरचनाओं समेत कृषि क्षेत्र को लंबी अवधि के और ऋण देने पर ध्यान दें।
कर्ज प्रदान करने पर ध्यान दें
अमित शाह ने बोला कि सहकारी बैंकों को राष्ट्र में सिंचिंत भूमि को बढ़ाने के उद्देश्य से ऋण प्रदान करने पर ध्यान देना चाहिए। शाह ने बोला कि छोटे किसानों के समक्ष आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए सहकारी बैंकों को इस बारे में सोचना चाहिए कि सहकारिता की भावना के साथ इस तरह के छोटे खेतों में किस तरह काम करना चाहिए।
ये हैं आंकड़े
उन्होंने बोला कि हिंदुस्तान में 49.4 करोड़ एकड़ कृषि भूमि है, जो अमेरिका के बाद सबसे अधिक है। यदि पूरी कृषि भूमि को सिंचित किया जाए तो हिंदुस्तान पूरी दुनिया का पेट भर सकता है। एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ‘‘यदि आप पीछे मुड़कर देखेंगे और सहकारिता संस्थानों के जरिए दीर्घकालिक कर्ज की पिछले 90 साल की यात्रा पर गौर करेंगे कि यह कैसे कम हुआ है तो आंकड़ों को देखने पर पाएंगे कि यह बढ़ा ही नहीं है।’’
इन पर भी देना होगा ध्यान
अमित शाह ने बोला कि दीर्घकालिक कर्ज में कई बाधाएं हैं और अब समय आ गया है कि सहकारिता की भावना के साथ इन अवरोधकों से पार पाया जाए। शाह ने बोला कि सहकारिता बैंकों को सिर्फ बैंकों के तौर पर काम नहीं करना चाहिए बल्कि सिंचाई जैसी कृषि अवसंरचना की स्थापना जैसी अन्य सहकारी गतिविधियों पर भी ध्यान देना चाहिए।