नई दिल्ली। वर्ष 2024 भारतीय बैंकिंग सिस्टम के सामने नयी चुनौतियां पैदा कर सकता है। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने बोला है कि बैंकों के पास पैसों की कमी हो रही है, जिससे इस वर्ष लोन बांटने की प्रक्रिया भी सुस्त पड़ सकती है। रेटिंग एजेंसी ने बोला है कि बैंक जिस गति से लोन बांट रहे हैं, उस गति से उनके पास डिपॉजिट नहीं आ रहे। जाहिर है कि लोन बांटने के लिए पर्याप्त धन की कमी होने से इस वर्ष सुस्ती दिखाई दे सकती है।
रेटिंग एजेंसी ने कहा, चालू वित्त साल में भारतीय बैंकों की कर्ज वृद्धि, लाभप्रदता और संपत्ति की गुणवत्ता मजबूत रहेगी, जो मजबूत आर्थिक वृद्धि को दर्शाती है। हालांकि, वे अपनी कर्ज वृद्धि को धीमा करने के लिए विवश हो सकते हैं, क्योंकि जमा राशि समान गति से नहीं बढ़ रही है। एशिया-प्रशांत में बीते वित्त साल की दूसरी तिमाही के बैंकिंग अपडेट में एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स की निदेशक एसएसईए निकिता आनंद ने बोला कि एजेंसी को आशा है कि चालू वित्त साल में यदि जमा वृद्धि, विशेष रूप से खुदरा जमा, धीमी रहती है, तो क्षेत्र की मजबूत कर्ज वृद्धि 16 फीसदी से घटकर 14 फीसदी हो जाएगी।