वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार (1 फरवरी) को मोदी 3.0 गवर्नमेंट का पहला पूर्ण केंद्रीय बजट पेश किया, जो उनका रिकॉर्ड आठवां बजट है. हालाँकि, रेलवे क्षेत्र के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई. बजट दस्तावेजों के अनुसार, गवर्नमेंट FY26 के लिए लगभग 2.52 लाख करोड़ रुपये का बजटीय समर्थन प्रदान करेगी, जो FY25 के लिए संशोधित आवंटन के अनुरूप है. यह फंडिंग सुरक्षा सुनिश्चित करने पर लगातार ध्यान देने के साथ ट्रैक विस्तार, रोलिंग स्टॉक खरीद, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग सुधार और स्टेशन आधुनिकीकरण सहित जरूरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए निर्देशित की जाएगी.
रेलवे विस्तार के लिए जरूरी वित्तीय संसाधनों की जरूरत होती है, जिसमें नए ट्रैक स्थापना, गेज परिवर्तन, विद्युतीकरण और रोलिंग स्टॉक सुधार शामिल हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज बोला कि पीएम ने पश्चिम बंगाल में रेलवे सुविधाओं के आधुनिकीकरण और विस्तार का बड़ा मिशन हाथ में लिया है. इसके लिए 13,955 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है. बंगाल में रेलवे पर 68,000 करोड़ रुपये का भारी निवेश है. इन संसाधनों का इस्तेमाल करने के लिए, मैं पश्चिम बंगाल के सीएम से निवेदन करता हूं कि वह भूमि अधिग्रहण और लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए कानून प्रबंध के संबंध में भी हमारी सहायता करें.
मंत्री ने बोला कि रेलवे के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण बहुत महत्वपूर्ण है. पश्चिम बंगाल में 101 रेलवे स्टेशनों को ‘अमृत’ स्टेशनों के रूप में फिर से विकसित किया जाएगा. उन्होंने बोला कि फिलहाल पश्चिम बंगाल में 9 वंदे हिंदुस्तान ट्रेनें चल रही हैं. पहली अमृत हिंदुस्तान ट्रेन पिछले वर्ष मालदा से प्रारम्भ हुई थी. अब इस वर्ष के बजट में 100 नयी अमृत हिंदुस्तान ट्रेनों को स्वीकृति दी गई है. पश्चिम बंगाल में भी प्रारम्भ होंगी नमो हिंदुस्तान ट्रेनें. पिछले 10 वर्ष में पश्चिम बंगाल में 1290 किलोमीटर रेलवे ट्रैक बिछाए गए.
वैष्णव ने वित्त साल 2025-26 का आम बजट पेश होने के बाद रेल भवन में संवाददाताओं से वार्ता में रेलवे के लिए आवंटित परियोजनाओं एवं भावी परिव्यय की जानकारी दी. उन्होंने कहा, ‘‘बजट में 4.6 लाख करोड़ रुपये की नयी परियोजनाएं शामिल की गई हैं, जो चार से पांच वर्ष में पूरी हो जाएंगी. ये नयी रेल लाइन बिछाने, मौजूदा रेल लाइन का दोहरीकरण करने, नए निर्माण, स्टेशनों के पुनर्विकास और फ्लाईओवर एवं अंडरपास जैसे कार्यों से संबंधित हैं.’’ उन्होंने बोला कि रेल यात्रा की बढ़ती मांग को देखते हुए अगले दो-तीन सालों में 100 अमृत भारत, 50 नमो हिंदुस्तान और 200 वंदे हिंदुस्तान ट्रेनें बनाई जाएंगी. रेल मंत्री ने कहा, ‘‘नई अमृत हिंदुस्तान ट्रेनों के साथ हम कम दूरी वाले कई अन्य शहरों को भी जोड़ने का काम करेंगे.’’
ट्रेनों के भीतर सामान्य श्रेणी वाले डिब्बों की किल्लत के बारे में पूछे जाने पर वैष्णव ने बोला कि आने वाले सालों में इस तरह के 17,500 डिब्बों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है. वैष्णव ने कहा, ‘‘साधारण डिब्बों का निर्माण पहले से ही चल रहा है और 31 मार्च के अंत तक 1,400 ऐसे डिब्बे बनकर तैयार हो जाएंगे. अगले वित्त साल में हमारा लक्ष्य 2,000 साधारण डिब्बे बनाना है. इसके साथ 1,000 नए फ्लाईओवर के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है.’’ उन्होंने बोला कि रेलवे 31 मार्च, 2025 तक माल ढुलाई क्षमता से संबंधित एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने जा रही है. उन्होंने कहा, ‘‘हम 31 मार्च तक 1.6 अरब टन माल ढोने का लक्ष्य हासिल कर लेंगे और इंडियन रेलवे दुनिया में माल ढुलाई के मुद्दे में चीन के बाद दूसरे जगह पर पहुंच जाएगी.