भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बोला है कि उसने केरल स्थित अडूर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है. साथ ही उसे गैर-बैंकिंग संस्थान के रूप में कार्य करने की अनुमति दे दी है. भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, लाइसेंस रद्द करना 24 अप्रैल, 2023 को कारोबार बंद होने के बाद से कारगर है.
केंद्रीय बैंक ने क्या कहा
केंद्रीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के अनुसार Adoor को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड का लाइसेंस रद्द किया है. केरल स्थित इस बैंक को 3 जनवरी, 1987 को लाइसेंस मिला था. अब इस को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक को अधिनियम की धारा 5(बी) के अनुसार ‘बैंकिंग’ का कारोबार बंद करना होगा.
केंद्रीय रिजर्व बैंक ने एक बैंक और एक एनबीएफसी के बीच अंतर के बारे में भी बताया है. रिजर्व बैंक ने बोला कि एक बैंक गवर्नमेंट द्वारा अधिकृत संस्था है जो जनता को बैंकिंग सेवाएं प्रदान करती है. वहीं, एक एनबीएफसी एक ऐसी कंपनी है जो बिना बैंक लाइसेंस के जनता को बैंकिंग सर्विस प्रोवाइड करती है.
रिजर्व बैंक ने बोला कि उसने भिन्न-भिन्न मानदंडों के उल्लंघन के लिए चार सहकारी बैंकों- बॉम्बे मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक, तमिलनाडु स्टेट एपेक्स को-ऑपरेटिव बैंक, जनता सहकारी बैंक और बरन नागरिक सहकारी बैंक पर जुर्माना भी लगाया है. विभिन्न मानदंडों के उल्लंघन के लिए चेन्नई स्थित द तमिलनाडु स्टेट एपेक्स को-ऑपरेटिव बैंक पर 16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि बॉम्बे मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक पर 13 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया क्योंकि यह पात्र राशि को स्थानांतरित करने में विफल रहा. भारतीय रिजर्व बैंक ने एक विज्ञप्ति में बोला कि जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष (डीईएएफ) को निर्धारित अवधि के भीतर उसे ट्रांसफर कर दिया. केंद्रीय बैंक ने एक अलग अधिसूचना में बोला कि ‘जमा पर ब्याज दर’ के निर्देशों का पालन नहीं करने पर जनता सहकारी बैंक, पुणे पर 13 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है.