हरिप्रबोधिनी एकादशी शुक्रवार को मनाई जाएगी. ऐसी मान्यता है कि चार माह तक शयन के बाद भगवान विष्णु इस दिन नींद से जागते हैं. इन चार महीनों में मांगलिक कार्य नहीं होते हैं. प्रबोधिनी एकादशी के साथ ही मांगलिक कार्यों की आरंभ हो जाती है. हालांकि, इस साल मांगलिक कार्य 24 नवंबर से प्रारम्भ होंगे.
वाराणसी से प्रकाशित हृषीकेश पंचांग के अनुसार, शुक्रवार को कार्तिक शुक्ल एकादशी का मान पूरे दिन और शाम 07:02 बजे तक है. पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र भी पूरे दिन और रात 01:49 बजे तक है. इस दिन सुबह ध्रुव योग 8:01 बजे तक है और उसके बाद हर्षण योग है. सूर्योदय के समय एकादशी होने से हरिप्रबोधनी एकादशी इसी दिन मान्य होगी.