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19 वर्ष बाद श्रावण और पुरूषोत्तम मास एक साथ आए हैं इसलिए इस बार श्रावण का अलग ही महत्व है। अधिकमास में श्रीहरि और श्रावण में शिव कृपा करते हैं। इसका मतलब यह है कि यह श्रावण दोनों की कृपा पाने का दुर्लभ अवसर है।
शिव संहारक हैं, जिस पर शिव की कृपा हो जाती है, उसकी सभी परेशानियां समाप्त हो जाती हैं और हर परेशानी दूर हो जाती है। श्रावण शिव का सबसे प्रिय महीना है।