नई दिल्ली: पीएम मोदी ने मंगलवार (14 फरवरी) को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से वार्ता की. इस दौरान उन्होंने न्यू एयर इंडिया-एयरबस के बीच 250 एयरक्राफ्ट की डील हुई. इस कार्यक्रम में पीएम मोदी के अतिरिक्त फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों भी उपस्थित थे. टाटा समूह ने पिछले वर्ष जनवरी में एयर इण्डिया का अधिग्रहण किया था.
इस पर टाटा संस के चेयरमैन ने बोला कि, हमने एयरबस के साथ खास रिश्ता बनाया है. मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हमने एयरबस से 250 एयरक्राफ्ट खरीदने को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. टाटा समूह के प्रमुख एन चंद्रशेखरन ने कहा, एअर इंडिया, एयरबस कंपनी से 250 विमान खरीदेगी. उन्होंने यह भी कहा, एअर इण्डिया 40 ‘‘वाइड बॉडी” ए350 विमान और 210 ‘‘नैरो बॉडी” विमान खरीदेगी एवं इसमें ऑर्डर बढ़ाने के विकल्प होंगे. वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने बोला कि, ”यह जरूरी डील हिंदुस्तान और फ्रांस के गहराते संबंधों के साथ-साथ, हिंदुस्तान के सिविल एविएशन सेक्टर की सफलताओं और आकांक्षाओं को भी दर्शाती है.” साथ ही पीएम ने एयर इण्डिया और एयरबस को डील के लिए शुभकामना देते हुए राष्ट्रपति मैक्रों का धन्यवाद भी किया.
‘नए अवसर खुल रहे हैं’
पीएम नरेंद्र मोदी ने बोला कि, ‘हमारी रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (उड़ान) के माध्यम से राष्ट्र के सुदूर हिस्से भी एयर कनेक्टिविटी से जुड़ रहे हैं, जिससे लोगों के आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा मिल रहा है. उन्होंने बताया कि हिंदुस्तान की मेक इन इण्डिया – मेक फॉर द वर्ल्ड’ विज़न के तहत एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग में अनेक नए अवसर खुल रहे हैं.’
प्रधानमंत्री ने इस समझौते को ‘‘मील का पत्थर” बताया और बोला कि यह ‘‘महत्वपूर्ण करार” हिंदुस्तान और फ्रांस के गहराते संबंधों के साथ-साथ हिंदुस्तान के नागरिक उड्डयन क्षेत्र की सफलताओं और आकांक्षाओं को भी दर्शाता है. उन्होंने इस करार की सराहना करते हुए बोला कि हिंदुस्तान के बढ़ते विमानन क्षेत्र को अगले 15 वर्ष में 2,000 से अधिक विमानों की आवश्यकता होगी.
उन्होंने कहा, ‘‘चाहे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता का विषय हो या अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा तथा स्वास्थ्य सुरक्षा हिंदुस्तान और फ्रांस साथ मिलकर सकारात्मक सहयोग दे रहे हैं. मुझे विश्वास है कि इस साल द्विपक्षीय संबंध और भी नयी ऊंचाइयों को छू लेंगे.” विमानों के इंजन की सर्विसिंग के लिए हिंदुस्तान में सबसे बड़े सुविधा केंद्र की स्थापना का उल्लेख करते हुए मोदी ने बोला कि आज ‘‘अंतरराष्ट्रीय प्रबंध और बहुपक्षीय प्रणाली” की स्थिरता और संतुलन सुनिश्चित करने में भारत-फ्रांस भागीदारी प्रत्यक्ष किरदार निभा रही है.