बचपन से ही ज्यादातर घरों में मम्मी अपने बच्चे को कच्चे बादम भिगोकर खिलाती आ रही हैं। क्योंकि ऐसा माना जाता है कि कच्चे बादाम को भिगोकर खाने से दिमाग तेज होता है। साथ ही ये शरीर को मजबूत बनाता है। अब ये बात कहां तक सच है, इसका पता लगाना थोड़ा कठिनाई हुआ लेकिन एक्सपर्ट्स ने इसे साबित किया है। जी हां, कच्चे बादाम को भिगोकर खाना आपके कितना लाभकारी है, इसे आज हम एक्सपर्ट्स के अनुसार जानेंगे। कई बार चिकित्सक या डाइटिशियन भी ड्राई फ्रूट्स को भिगोकर खाने की एडवाइस देते हैं। लेकिन ये क्या सच में लाभ करेगा या केवल एक अफवाह है। आज इस आर्टिकल में जानेंगे कि सूखे मेवों को भिगोकर खाना ठीक है या फिर बिना भिगोए।
ड्राई फ्रूट्स में आज हम बादाम के बारे में बात करेंगे कि इसे किस तरह से खाना चाहिए। आपको बता दें, कि बादाम में माइक्रोन्यूट्रेंट्स पाए जाते हैं। कई लोग बादम को पानी में भिगोकर खाते हैं, क्योंकि बादाम में बहुत गर्मी होती है। लेकिन आज जानेंगे कि एक्सपर्ट्स की राय इस बात पर क्या कहती है।
1. डायटीशियन के मुताबिक, बादाम हर आदमी के लिए खाना लाभकारी होता है। इससे हेल्थ बिल्कुल परफेक्ट रहती है। लेकिन कच्चा बादाम खाने की स्थान इसे पानी में भिगोकर ही खाना चाहिए। दरअसल, बादाम को पानी में भिगोकर खाने के कारण इसमें उपस्थित फायटिक एसिड का कंटेंट कम हो जाता है। इसके बदले यदि आप सूखा बादाम खाते हैं तो इसमें पाए जाने वाले फायटिक एसिड आंत में एसिड बनाने लगती हैं।
2. बादाम में मैग्नीशियम, सैलेनियम और जिंक पाया जाता है। बादाम को पानी में भिगोकर खाने से बादाम ठीक से पच जाता है। इसमें पाए जाने वाले फायटिक एसिड पेट में सरलता से घुल जाते हैं। पानी में भिगोकर खाने से इसमें पाए जाने वाले कंपाउंड का असर कम हो जाता है। पानी में भिगोकर खाने से बादाम का स्वाद भी बढ़ जाता है।